भारत बनेगा ग्लोबल इंफ्रा का नया हब! एशिया के 'इंफ्रा किंग' ने भारत पर फिर खेला बिलियन-डॉलर का दांव
TV9 Bharatvarsh June 22, 2026 11:43 AM

संकट के इस दौर में भले ही दुनिया के तमाम देश इकोनॉमी की ग्रोथ को चिंतित हों, लेकिन भारत की इकोनॉमी पर भरोसा दुनिया के तमाम लेंडर्स का भरोसा अभी भी कायम है. इसका ताजा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला. रिपोर्ट के अनुसार एशियाई विकास बैंक (ADB) के प्राइवेट सेक्टर ऑपरेशन्स के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है. यह मल्टीलेटरल लेंडर इस साल देश के ग्रोथ टारगेट्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करने के लिए लगभग 1 बिलियन डॉलर की डायरेक्ट फाइनेंसिंग कर सकता है.

एशियाई विकास बैंक (ADB) के वाइस-प्रेसीडेंट (मार्केट सॉल्यूशंस) भार्गव दासगुप्ता ने कहा कि पिछले साल, हमने अपनी पूंजी से सरकारी सेक्टर के लिए 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा और प्राइवेट सेक्टर के लिए 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा की फंडिंग की. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि हमने दूसरे सोर्स से भी उनके लिए इतनी ही रकम जुटाई. असल में, 2025 में ADB के ज़रिए प्राइवेट सेक्टर को 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का फंड मिला. इस साल की योजना के बारे में पूछे जाने पर दासगुप्ता ने कहा कि हम प्राइवेट सेक्टर के मामले में इसी रफ़्तार को बनाए रखेंगे.

इन सेक्टर में होगा निवेश

प्राइवेट सेक्टर फाइनेंसिंग के मुख्य क्षेत्रों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि रिन्यूएबल और क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और ग्रीन डेटा सेंटर कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें ADB फाइनेंस करना जारी रखेगा. मनीला स्थित इस मल्टीलेटरल फंडिंग एजेंसी के फोकस वाले अन्य क्षेत्रों में शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर और फाइनेंशियल इन्क्लूजन शामिल हैं. उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार की इच्छाओं के पूरी तरह अनुरूप है क्योंकि हमारा देश साझेदारी एजेंडा सरकार के साथ मिलकर तैयार किया गया है. ट्रेड और सप्लाई चेन फाइनेंसिंग पर दासगुप्ता ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट के कारण 2026 के शुरुआती चार महीनों में इसमें 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि ट्रेड और सप्लाई चेन फाइनेंसिंग से फर्टिलाइजर, एनर्जी और खाने-पीने की चीजों के इंपोर्ट में मदद मिल रही है, जो कई देशों के लिए बहुत जरूरी हैं.

पिछले महीने साइन हुआ था एग्रीमेंट

पिछले महीने, ADB और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने भारत में सप्लाई चेन फाइनेंस को मजबूत करने के लिए एग्रीमेंट पर साइन किए. इसमें US डॉलर और रुपए, दोनों तरह के ट्रांजेक्शन के लिए रिस्क-शेयरिंग व्यवस्था शामिल है. इन एग्रीमेंट में US डॉलर में होने वाले ट्रांजेक्शन को सपोर्ट करने के लिए गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT सिटी) के ज़रिए बनाई गई रिस्क पार्टिसिपेशन व्यवस्था और ऑनशोर रुपए ट्रांजेक्शन को सपोर्ट करने के लिए आंशिक गारंटी सुविधा एग्रीमेंट शामिल है. इस साझेदारी की एक मुख्य विशेषता सप्लाई चेन फाइनेंस के उभरते और कम सेवा वाले क्षेत्रों, खासकर डिस्ट्रीब्यूटर फाइनेंसिंग पर फोकस करना है. यह सहयोग इस बाजार में ADB की पहली पहल है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.