Shani Pradosh Vrat 2026: 26 या 27 जून… कब रखा जाएगा शनि प्रदोष व्रत? जानिए सही तारीख और शुभ मुहूर्त
TV9 Bharatvarsh June 22, 2026 11:43 AM

Shani Pradosh Vrat Kab Hai: भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है. हर महीने शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. वहीं जब यह व्रत शनिवार के दिन पड़ता है तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस दिन भगवान शिव के साथ शनि देव की पूजा भी की जाती है. जून 2026 में पड़ने वाले शनि प्रदोष व्रत की तारीख को लेकर कई लोगों के मन में सवाल है कि यह व्रत 26 जून को रखा जाएगा या 27 जून को. आइए पंचांग के अनुसार जानते हैं.

पंचांग के अनुसार तिथि?

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 26 जून 2026 की रात 10 बजकर 22 मिनट पर शुरू होगी. यह तिथि 28 जून 2026 की रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगी. चूंकि त्रयोदशी तिथि का प्रभाव 27 जून को पूरे दिन रहेगा और उसी दिन शनिवार भी है, इसलिए उदया तिथि के आधार पर शनि प्रदोष व्रत27 जून को रखा जाएगा.

क्यों खास माना जाता है शनि प्रदोष व्रत?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने का एक अच्छा अवसर माना जाता है. कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत रखने और शिव पूजा करने से जीवन की कई परेशानियां कम हो सकती हैं. साथ ही शनि देव का आशीर्वाद भी मिलता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैया या शनि से जुड़े अन्य प्रभाव चल रहे हों, उनके लिए यह व्रत विशेष लाभकारी माना जाता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से शनि देव भी प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को अच्छे कर्मों का फल मिलने में मदद मिलती है.

शनि प्रदोष व्रत की पूजा कैसे करें?

शनि प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है. शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव, माता पार्वती और नंदी महाराज की पूजा की जाती है. शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित किए जाते हैं. इसके बाद ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप और शिव चालीसा या शिव स्तुति का पाठ करना शुभ माना जाता है. कई श्रद्धालु इस दिन शनि देव को सरसों का तेल भी अर्पित करते हैं और जरूरतमंद लोगों को दान देते हैं.

प्रदोष काल का महत्व

प्रदोष व्रत में शाम का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इसी समय भगवान शिव कैलाश पर अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं. इसलिए प्रदोष काल में की गई पूजा का विशेष फल मिलता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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