सीढ़ियां बनीं मौत का रास्ता, धुएं में घुटती रहीं सांसें… लखनऊ अग्निकांड की पूरी कहानी, 15 मासूमों की मौत
TV9 Bharatvarsh June 23, 2026 12:43 AM

Lucknow News: राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंग हेड हॉपर 3D आर्ट स्टूडियो में लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे बिल्डिंग के ऊपरी हिस्सों में संचालित कोचिंग सेंटर में मौजूद छात्र-छात्राएं और अन्य लोग अंदर ही फंस गए. हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं व प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि भवन में छत से नीचे उतरने के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी. जिस सीढ़ी से लोग ऊपर-नीचे आते-जाते थे, आग लगने के बाद वही हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित हो गया. ऐसे में ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों के लिए बाहर निकलने का रास्ता लगभग बंद हो गया.

क्या इन लापरवाही ने ली 15 जानें?
  • बिल्डिंग में छत से नीचे उतरने के लिए कोई वैकल्पिक सीढ़ी या आपातकालीन निकास नहीं था.
  • नीचे से ऊपर जाने वाली मुख्य सीढ़ियों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया था.
  • आग लगने के बाद ऊपरी मंजिलों पर फंसे बच्चों के लिए बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया.
  • अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए दीवार तोड़ना ही एकमात्र विकल्प बचा था.
  • प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीवार तोड़ने के लिए काफी देर तक कोई मशीन उपलब्ध नहीं हो सकी.
  • हथौड़ों और अन्य उपकरणों से दीवार तोड़ने में करीब दो घंटे का समय लग गया.
  • रेस्क्यू टीम को इमारत के भीतर प्रवेश करने के लिए दीवार में छेद (होल) बनाना पड़ा.
  • घने धुएं के कारण बचावकर्मियों को अंदर पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
  • दीवार में रास्ता बनने के बाद भी धुएं की वजह से काफी देर तक राहतकर्मी अंदर नहीं जा सके.
  • अंदर फंसे बच्चे और अन्य लोग धुएं में दम घुटने से जिंदगी की जंग हारते रहे.
दीवार तोड़कर बनाया गया रास्ता

घटना के दौरान अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव दल को दीवार तोड़नी पड़ी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआती समय में दीवार तोड़ने के लिए आवश्यक मशीनरी मौके पर उपलब्ध नहीं थी, जिसके चलते रेस्क्यू अभियान प्रभावित हुआ. बताया जा रहा कि काफी देर तक हथौड़ों और अन्य उपकरणों की मदद से दीवार तोड़ने का प्रयास किया गया. कई घंटों की मशक्कत के बाद दीवार में रास्ता बनाया जा सका, लेकिन इमारत के अंदर भरे घने धुएं ने राहतकर्मियों की मुश्किलें और बढ़ा दीं. धुएं के कारण अंदर प्रवेश करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया और बचाव अभियान धीमी गति से आगे बढ़ा.

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धुएं ने ली कई जिंदगियां

हादसे के दौरान कई लोग जान बचाने के लिए छज्जों, खिड़कियों और ऊपरी हिस्सों की ओर भागे. कुछ बच्चों ने साहस दिखाते हुए बिजली के केबलों का सहारा लेकर नीचे उतरने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग घबराकर बाथरूम और कमरों में छिप गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई लोगों की मौत आग से ज्यादा धुएं और दम घुटने के कारण हुई. रेस्क्यू टीम ने कई लोगों को गीले कंबलों और स्ट्रेचर की मदद से बाहर निकाला. घायलों को तत्काल केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है.

मृतकों की पहचान का काम जारी

अग्निकांड में जान गंवाने वालों में सागर, नीलेश, अनामिका, श्याम, अनुचा, सोमालिया, शाहजान, रुक्मणि, आदित्य श्रीवास्तव और अब्दुल रहमान समेत कई की पहचान की गई है. अन्य शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. पोस्टमार्टम हाउस में मृतकों के परिजनों का लगातार पहुंचना जारी है, जिससे वहां भावुक माहौल बना हुआ है. हादसे में कुल 15 लोगों की मौत हुई है. वहीं पांच घायल हैं, जिनका KGMU इलाज जारी है.

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मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायलों को 50-50 हजार रुपए की मदद देने की घोषणा की है. KGMU में पीड़ितों के परिजनों से सीएम योगी ने बात की. सीएम योगी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि एक भी जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं बख्शेंगे. पीड़ित परिजनों से सीएम योगी ने कहा कि हर एक जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे.

वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, डीजीपी राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजी फायर, जेसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की समीक्षा की. सीएम योगी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की चूक हुई या नहीं, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है.

हादसे की जिम्मेदारी तय हो- सीएम योगी

बीजेपी लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने जानकारी दी कि रक्षा मंत्री एवं लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह रात 9:30 बजे चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पहुंचेंगे. इसके बाद वह रात 9:35 बजे सड़क मार्ग से KGMU के ट्रॉमा सेंटर के लिए रवाना होंगे. करीब 9:55 बजे वहां पहुंचकर अग्निकांड में घायल लोगों का हालचाल जानेंगे. वहीं, घटनास्थल और KGMU का दौरा करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास पर हाई लेवल मीटिंग बुलाई, जिसमें सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि हादसे की जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

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