ईरान जंग में इजराइल-अमेरिका से ज्यादा भारतीय मरे, कतर से ओमान तक की पूरी रिपोर्ट
TV9 Bharatvarsh June 23, 2026 05:43 PM

ईरान युद्ध में इजराइल और अमेरिका से ज्यादा भारतीय नागरिक मारे जा चुके हैं. वो भी तब, जब भारत इस जंग में किसी भी तरह से शामिल नहीं है. सोमवार (22 जून) को कतर के रास लाफान पर हमले में 12 भारतीयों की मौत हो गई, जिसके बाद युद्ध की चपेट में आने से मरने वाले भारतीयों की संख्या 25 पर पहुंच गई है. वहीं इस युद्ध में अमेरिका के 13 तो इजराइल के 24 नागरिक मारे गए हैं. युद्ध में इजराइल के हमले से सबसे ज्यादा लेबनान के 4 हजार और ईरान के 3600 लोग मारे गए हैं.

28 फरवरी को जंग की शुरुआत हुई थी. इस जंग में ईरानके सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई से लेकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मोहम्मद पाकपूर और ईरान सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी तक की हत्या हो चुकी है.

भारत के कब कितने लोग मारे गए?

कतर के रास लाफान के अलावा भारत के 6 नागरिक होर्मुज में मारे गए. इनमें 3 नागरिकों की मौत अमेरिकी हमले में हो गई. भारत ने इसको लेकर अमेरिका के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर की थी. खुद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री को फोन कर इस पर प्रतिरोध जताया था.

इसके अलावा कतर में ही पिछले दिनों एक हमले में एक भारतीय की मौत हो गई थी. एक भारतीय की मौत कुवैत में ईरान के हमले के दौरान हो गई थी. यूएई में भी भारतीय मारे जा चुके हैं. यानी कुल मिलाकर ईरान जंग में अब तक 25 भारतीयों की मौत हो चुकी है.

इजराइल-यूएस से ज्यादा भारतीय क्यों मरे?

1. ईरान ने जंग के दौरान इजराइल से ज्यादा कुवैत और यूएई पर हमले किए. इजराइल पर उसने शुरुआत में ही अटैक किया, जिसके कारण कुछ इजराइली की मौत हुई. बाद में इजराइल ने अपने नागरिकों को बंकर में शिफ्ट करना शुरू कर दिया, जिसके कारण ईरान जंग में इजराइल को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाया. वहीं अमेरिका ने जंग से पहले ही अपने लोगों को खाड़ी से बुला लिया था. जंग में अमेरिका के सिर्फ सैनिक मारे गए हैं.

2. खाड़ी में भारतीयों की तादाद काफी ज्यादा हैं. मसलन, सऊदी में 27, यूएई में 43 लाख भारतीय रहते हैं. इसी तरह कुवैत में 10 लाख, कतर में 8 लाख प्रवासी भारतीय रहते हैं. कतर जिस रास लाफान पर हमला हुआ है, वहां काफी ज्यादा संख्या में भारतीय काम करते हैं. हमले के कारण 12 भारतीयों की वहां मौत हो गई है.

3. होर्मुज में जो जहाज फंसे हैं, उस पर काम करने वाले अधिकांश भारतीय मजदूर हैं. हालिया डेटा के मुताबिक होर्मुज में फंसे 550 जहाजों पर 18 हजार से ज्यादा भारतीय कामगार हैं. जहाजों पर हमले की स्थिति में भारतीयों की मौत हो जाती है.

भारतीयों की मौत के लिए कौन जिम्मेदार?

खाड़ी युद्ध में आधे से अधिक भारतीयों की मौत ईरान के हमलों में हुई है. वहीं, 3 भारतीयों की मौत अमेरिका के हमले में हुई है. अमेरिका ने इसी महीने की शुरुआत में होर्मुज नाकाबंदी को पार करने की कोशिश कर रहे एक जहाज को निशाने पर लिया था.वहीं रास लाफान, कुवैत और कतर में जो भारतीय मरे हैं, वो ईरानी हमले में मरे हैं.

वहीं दोनों देशों का कहना है कि जो लोग मरे हैं, वो युद्ध क्षेत्र में मरे हैं. यानी इन लोगों को टारगेट करके नहीं मारा गया है.

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