15 साल जेल, फिर फरारी और क्राइम… आखिर कैसे खत्म हुआ 'सत्तू' का आतंक? 4 राज्यों में वांटेड था
TV9 Bharatvarsh June 23, 2026 09:43 PM

Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए कुख्यात अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू की इलाज के दौरान मौत हो गई. SP सिटी अमृत जैन ने उसकी मौत की पुष्टि की. बीते सोमवार देर रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हुआ था. उस पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था और उसकी तलाश उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों की पुलिस कर रही थी.

पुलिस के अनुसार, 19 जून को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP संजय कुमार वर्मा ने 10 विशेष टीमों का गठन किया था. करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को सतपाल उर्फ सत्तू के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली. जांच में सामने आया कि आरोपी पंजाब के लुधियाना की जेल से फरवरी 2026 में फरार हुआ था और लगातार विभिन्न राज्यों में अपराध कर रहा था.

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चेकिंग के दौरान पुलिस पर की फायरिंग

सोमवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि नाबालिग के अपहरण में वांछित आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में क्षेत्र में मौजूद है. सूचना के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस और एसओजी टीम ने बामनहेड़ी-रुड़की रोड पर वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया. इसी दौरान एक कार को रोकने का प्रयास किया गया. पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देख कार सवार बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने घेराबंदी कर फायरिंग की, जिसमें सतपाल उर्फ सत्तू गोली लगने से घायल हो गया. मुठभेड़ के दौरान सब-इंस्पेक्टर अजय गौड़ और सिपाही अंकित भी गोली लगने से घायल हुए.

अस्पताल में भर्ती, फिर इलाज के दौरान मौत

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल बदमाश और दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद आरोपी की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था. हालांकि उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है.

छोटा राजन गैंग से जुड़े होने की चर्चा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सतपाल उर्फ सत्तू मूल रूप से चंडीगढ़ का रहने वाला था और उसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. उस पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, बलात्कार, गैंगरेप और हमले जैसे दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे. साल 2010 में मेरठ पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के दौरान उसका नाम छोटा राजन गैंग से भी जोड़ा गया था. वह खुद को रणजी क्रिकेट खिलाड़ी बताकर भी चर्चा में रहा था.

पुलिस का दावा है कि पिछले चार महीनों में उसने विभिन्न राज्यों में 10 से अधिक नाबालिग लड़कियों के अपहरण की घटनाओं को अंजाम दिया था. मेरठ, सहारनपुर, करनाल और मुजफ्फरनगर सहित कई स्थानों पर उसके खिलाफ मामले दर्ज थे.

पहचान छिपाकर रहता था

जांच में सामने आया कि सतपाल बेहद शातिर तरीके से अपनी गतिविधियां संचालित करता था. वह सामान्य कीपैड फोन का इस्तेमाल करता था, जिसे अधिकांश समय बंद रखता था. टोल प्लाजा और सीसीटीवी निगरानी वाले स्थानों से बचकर चलता था . परिवार से भी दूरी बनाए रखता था, ताकि उसकी लोकेशन और पहचान उजागर न हो सके.

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने अपहृत नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया. मौके से घटना में प्रयुक्त कार, अवैध पिस्टल, कारतूस, मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और किशोरी के कुछ सामान भी बरामद किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपी की मौत के बाद भी उससे जुड़े नेटवर्क और अन्य मामलों की जांच जारी रहेगी. वहीं अपहृत किशोरी को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है. पुलिस अब पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

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