भोपाल। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद मध्यप्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में गठित नई टीम में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और नए चेहरों की भागीदारी का संतुलन साधने का प्रयास किया गया है। कार्यसमिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शीर्ष स्थान दिया गया है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को दूसरे क्रम पर रखा गया है।
पार्टी के संविधान के अनुसार 106 सदस्यों की कार्यसमिति का गठन किया गया है, जिसमें 33 प्रतिशत महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया।कार्यसमिति में सभी वर्गों, समाजों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को शामिल करने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन के लिए विशेष आमंत्रित सदस्यों की अलग सूची भी बनाई गई है। कार्यसमिति में अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति,अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। विशेष आमंत्रित सदस्यों में संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी, मोर्चा अध्यक्ष और प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजकों को भी शामिल किया गया है।
वहीं नई कार्यसमिति की पहली बैठक 15 जुलाई के आसपास ओरछा में होगी, कार्यसमिति के सदस्यों के जरिए क्षेत्रीय और जातीय समीकरण साधने की कोशिश की गई है। नई कार्यसमिति को आगामी नगरीय निकाय, पंचायत और संगठनात्मक गतिविधियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों और संगठनात्मक इकाइयों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कार्यसमिति की घोषणा केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि भाजपा के आगामी चुनावी रोडमैप का भी संकेत है। प्रदेश में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि नई टीम बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।