JEE Advanced Topper Kanishk Jain: 12वीं के बाद इंजीनियरिंग करने के इच्छुक सभी स्टूडेंट्स का सपना इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IITs) में एडमिशन पाना होता है. वहीं अगर IITs में कंप्यूटर साइंस (CS) ब्रांच से बीटेक करने का मौका मिले तो इसे सोने पर सुहागा कहा जा सकता है. वहीं अगर IIT बाॅम्बे से कंप्यूटर साइंस (CS) ब्रांच से बीटेक करने का मौका मिले तो समझे लॉटरी लग गई. हालांकि ये लॉटरी किस्मत कनेक्शन वाली नहीं होती है. इसके लिए स्टूडेंट्स कड़ी मेहनत करते हैं. पहले जेईई मेन में बेहतर स्कोर करते हैं और उसके बाद जेईई एडवांस्ड में टॉप 50 से 100 स्कोर करने वालों (स्टूडेंट्स की चॉइस पर आधारित) को ही IIT बॉम्बे से CS ब्रांच से बीटेक करने का मौका मिलता है. इसी ट्रेंड पर चलते हुए स्टूडेंट्स प्रत्येक साल आईआईटी बॉम्बे से CS ब्रांच में बीटेक करने का सपना पूरा करते आ रहे हैं, लेकिन इसमें कुछ ऐसे स्टूडेंट्स भी होते हैं, जो जेईई एडवांस्ड में बेहतर स्कोर करते हैं और IIT बॉम्बे में CS ब्रांच भी मिल जाती है, लेकिन इतना सब हासिल करने के बाद भी वह इसे ठुकरा देते हैं.
ऐसा ही कुछ जेईई एडवांस्ड 2026 में 8वीं रैंक हासिल करने वाले कनिष्क जैन ने किया है. जेईई एडवांस्ड 2026 8वीं रैंक हासिल करने वाले कनिष्क जैन ने IIT बाॅम्बे की CS ब्रांच ठुकरा दी है. अब वह आगे की पढ़ाई के लिए मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में एडमिशन लेने जा रहे है. आइए विस्तार से पूरा मामला समझते हैं.
दुनिया की नंबर 1 यूनिवर्सिटी है MIT, वहां से रिसर्च करना चाहते हैं कनिष्कमैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) दुनिया की नंबर 1 यूनिवर्सिटी है. MIT पिछले 15 सालों से QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में नंबर 1 पर बनी हुई है. MIT में एडमिशन के लिए कनिष्क जैन ने औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं. कनिष्क की मां सरिता जैन ने बताया कि वह रिसर्च करना चाहते हैं, इस वजह से उन्होंने MIT में एडमिशन लेने का फैसला लिया है. कनिष्क जैन ने जेईई एडवांस्ड 2026 में 313 नंबर प्राप्त करते हुए AIR 8वीं रैंक हासिल की थी. कनिष्क के माता-पिताआईटी सेक्टर्स से जुड़े हैं.
कनिष्क से पहले भी कई टॉपर MIT में ले चुके हैं एडमिशनजेईई एडवांस्ड टॉपरों का IITs की डिमांडिंग ब्रांच छोड़कर MIT में एडमिशिन लेना नया नहीं है. इससे पूर्व भी जेईई एडवांस्ड के कई टॉपर बीच में पढ़ाई छोड़कर भी MIT में एडमिशन ले चुके हैं. आइए ऐसे प्रमुख नामों के बारे में जानते हैं.
जेईई एडवांस्ड के टॉपर्स IITs को छोड़कर MIT में एडमिशन लेना पसंद कर रहे हैं. इसके पीछे का मुख्य वजह MIT का रिसर्च इंफास्ट्रक्चर है. असल, में कई टॉपर्स रिसर्च में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो वहीं कई टॉपर्स ग्लोबली रैंक 1 यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई का सपना पूरा करना चाहते हैं. हालांकि IITs और MIT के बीच कई मामलों में बड़ा फर्क भी है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि IITs किसी से कम हैं. IITs की तारीफ टाॅपर्स भी कर चुके हैं.