भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई से आग्रह किया है कि वह खिलाड़ियों के हितों पर ध्यान दे और केंद्रीय अनुबंध वाले क्रिकेटरों को हर कैलेंडर वर्ष में कम से कम एक महीने का आराम दे. 1983 विश्व कप विजेता ने यह बात अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खत्म होने के बाद कही, जिसमें भारतीय टीम ने 3-0 से जीत हासिल की. गौर करने वाली बात यह है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच IPL 2026 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस की भिड़ंत के सिर्फ छह दिन बाद खेला गया था.
गावस्कर ने कहा कि वह समझते हैं कि BCCI को अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसे देशों के लिए बड़े भाई की भूमिका निभानी पड़ती है, लेकिन उन्होंने बोर्ड से खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और फिटनेस का भी ख्याल रखने की अपील की. भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली गई यह सीरीज दर्शकों को स्टेडियम तक खींचने में सफल नहीं रही और लखनऊ, चेन्नई में खेले गए वनडे मुकाबले आधे भरे स्टेडियमों के सामने खेले गए.
पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि खिलाड़ियों को लगातार आराम देना और रोटेशन की नीति अपनाना इंडिया कैप के महत्व को कम करता है, जबकि राष्ट्रीय टीम में केवल सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को ही मौका मिलना चाहिए. उन्होंने कहा “हां, BCCI अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसे देशों के लिए बड़े भाई की तरह है और उसने हमेशा मैदान पर उनके विकास में सहयोग करने और इन देशों का दौरा करके उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है. हालांकि, हमारे क्रिकेटरों का स्वास्थ्य और फिटनेस भी बेहद महत्वपूर्ण है और खिलाड़ियों को साल में कम से कम एक महीने का स्पष्ट आराम मिलना चाहिए. भारत प्रतिभा से भरपूर है और इसलिए आप खिलाड़ियों को रोटेट कर सकते हैं, लेकिन इससे इंडिया कैप का महत्व कम हो रहा है. किसी खिलाड़ी को सिर्फ इसलिए कैप नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि वह किसी ऐसे खिलाड़ी की जगह ले रहा है जिसे आराम दिया गया है. उसे यह सम्मान अर्जित करना चाहिए,'
गावस्कर ने मिड-डे में अपने कॉलम में लिखा. 'अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में, जो ईमानदार प्रयास करने वाली टीम है लेकिन उससे अधिक कुछ नहीं, शुभमन गिल और केएल राहुल ने शतक बनाए और मानव सुथार ने प्रभावशाली पदार्पण किया. जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया था, लेकिन क्या वह इस टीम के खिलाफ अपने करियर रिकॉर्ड में एक फाइफर या दस विकेट जोड़ना नहीं चाहते होंगे? जब भारत खेल रहा हो, तो सर्वश्रेष्ठ टीम को ही खेलना चाहिए, जब तक कि चोट जैसी कोई मजबूरी न हो. लेकिन वर्कलोड के कारण खिलाड़ियों को आराम देने से जितना संभव हो बचना चाहिए. कैलेंडर पर नजर डालिए, भारत हर महीने कहीं न कहीं क्रिकेट खेल रहा है.
‘प्रशंसकों के बारे में भी सोचिए’- गावस्कर
गावस्कर ने कहा कि यदि युवा खिलाड़ियों को मौका देना है तो ‘ए’ टीम और अंडर-19 टीम सबसे उपयुक्त माध्यम हैं. उन्होंने यह भी कहा कि BCCI को खेल के सबसे बड़े हितधारक यानी प्रशंसकों के बारे में भी सोचना चाहिए.
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उन्होंने अंत में कहा, 'इस साल का कार्यक्रम पहले से तय है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता, लेकिन यदि अगले साल IPL को जल्दी शुरू और जल्दी समाप्त करने की योजना है, तो कृपया भारतीय क्रिकेट के खिलाड़ियों ही नहीं बल्कि प्रशंसकों के लिए भी एक महीने का आराम रखिए.