भारत की 500 सबसे मूल्यवान गैर-सरकारी कंपनियों का कुल मूल्य बढ़कर 3.4 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया है. यह आंकड़ा अब कनाडा की पूरी जीडीपी से भी बड़ा है और इंडोनेशिया व स्पेन की अर्थव्यवस्थाओं के संयुक्त आकार के लगभग बराबर है. लेकिन असली कहानी सिर्फ कॉरपोरेट भारत के आकार की नहीं, बल्कि इस बात की है कि आज संपत्ति और मूल्य कौन बना रहा है और कौन पीछे छूट रहा है.
Axis Bank और Burgundy Private Hurun India 500 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की शीर्ष 500 कंपनियां मिलकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बराबर पहुंच चुकी हैं.
बदल रहा है वैल्यू क्रिएशन का चेहराएक समय धन सृजन में सबसे आगे रहने वाली आईटी सेवा कंपनियों की जगह अब टेलीकॉम, वित्तीय सेवाएं, रक्षा विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता ब्रांड और यहां तक कि खेल फ्रेंचाइजियां ले रही हैं.
रिपोर्ट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि क्रिकेट अब पूरी तरह से कॉरपोरेट दुनिया का हिस्सा बन चुका है. पहली बार IPL की पांच फ्रेंचाइजियां Hurun India 500 सूची में शामिल हुई हैं. इनकी संयुक्त वैल्यू 86,000 करोड़ रुपये से अधिक है.
अब IPL टीमें सिर्फ खेल संस्थाएं नहीं रह गई हैं, बल्कि मीडिया अधिकारों, स्पॉन्सरशिप, डिजिटल दर्शकों और बौद्धिक संपदा (IP) के दम पर अरबों डॉलर के उपभोक्ता ब्रांड बन चुकी हैं.
बाजार अब सिर्फ कहानी नहीं, मजबूत प्रदर्शन को दे रहा महत्वरिपोर्ट के अनुसार, इस साल सूची में शामिल 500 कंपनियों में से केवल 198 कंपनियों की वैल्यू बढ़ी है. इसका मतलब है कि निवेशक अब सिर्फ बड़ी-बड़ी कहानियों पर नहीं, बल्कि मजबूत वित्तीय प्रदर्शन पर भरोसा कर रहे हैं.
इक्विटी पर रिटर्न (ROE), नकदी प्रवाह और मजबूत बैलेंस शीट जैसी बुनियादी चीजें फिर से निवेशकों के फैसलों का आधार बन रही हैं.
इस साल रिकॉर्ड 95 नई कंपनियां सूची में शामिल हुई हैं, जबकि 2021 की पहली सूची में शामिल एक-तिहाई से ज्यादा कंपनियां बाहर हो गईं. अब इस सूची में जगह बनाने के लिए कंपनी का मूल्य कम से कम 10,230 करोड़ रुपये होना जरूरी है.
रिलायंस अब भी नंबर-1, लेकिन एयरटेल ने दिखाई ताकतReliance Industries लगातार पांचवें साल भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है. इसकी वैल्यू 19.36 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है. दूसरे स्थान पर HDFC Bank और तीसरे स्थान पर Bharti Airtel हैं.
हालांकि सबसे बड़ी चर्चा एयरटेल की रही. पिछले पांच वर्षों में एयरटेल ने 7.64 लाख करोड़ रुपये का शेयरधारक मूल्य बनाया है, जो देश में सबसे अधिक है. इस दौरान कंपनी की वैल्यू 198 फीसदी बढ़ी है.
वहीं Adani Power ने करीब 3.86 लाख करोड़ रुपये का मूल्य जोड़ा. इसके अलावा ICICI Bank, National Stock Exchange और Larsen & Toubro भी सबसे बड़े वैल्यू क्रिएटर्स में शामिल रहे.
रोजगार और टैक्स में भी बड़ा योगदानये 500 कंपनियां मिलकर करीब 89 लाख लोगों को रोजगार देती हैं. साथ ही इन्होंने 3.23 लाख करोड़ रुपये टैक्स के रूप में जमा किए और 13,433 करोड़ रुपये कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) गतिविधियों पर खर्च किए.
रिपोर्ट बताती है कि भारत की शीर्ष 10 कंपनियों का संयुक्त मूल्य 86 लाख करोड़ रुपये है, जो भारत की जीडीपी का लगभग एक-चौथाई हिस्सा और Hurun India 500 की कुल वैल्यू का 27 फीसदी है. AI, रक्षा, टेलीकॉम और IPL जैसे नए क्षेत्रों के उभरने से भारत में धन सृजन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है.