मिजोरम में नशाखोरी में आई उल्लेखनीय कमी: मुख्यमंत्री लालदुहोमा
Indias News Hindi June 25, 2026 11:43 PM

आइजोल, 25 जून . मिजोरम के Chief Minister लालदुहोमा ने Thursday को कहा कि राज्य में Government, कानून-प्रवर्तन एजेंसियों, नागरिक समाज संगठनों, चर्चों और स्थानीय समुदायों के समन्वित प्रयासों के कारण सड़कों पर दिखाई देने वाली नशाखोरी में उल्लेखनीय कमी आई है.

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की लत से जूझ रहे कई लोग सफलतापूर्वक पुनर्वास कार्यक्रमों से गुजरकर समाज की मुख्यधारा में लौटे हैं.

‘अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस’ से पहले आइजोल के डावरपुई मल्टीपरपज हॉल में आयोजित एक चर्चा कार्यक्रम में Chief Minister , मंत्रियों, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने नशे की बढ़ती समस्या तथा इससे निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विचार साझा किए.

Chief Minister लालदुहोमा ने कहा कि वर्ष 2024 में जब यह दिवस मनाया गया था, तब आइजोल और जिला मुख्यालयों की सड़कों पर नशे के आदी लोगों का खुलेआम घूमना आम बात थी और ऐसे दृश्य social media पर भी व्यापक रूप से साझा किए जाते थे.

उन्होंने कहा कि इसके बाद राज्य Government, नागरिक समाज संगठनों, चर्चों और सामुदायिक नेताओं ने नशे की समस्या के आपूर्ति और मांग, दोनों पक्षों पर मिलकर काम किया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब पूरे राज्य में दिखाई दे रहे हैं.

Chief Minister के अनुसार, इस दिशा में सुरक्षा समन्वय समिति का गठन, ड्रग प्रिवेंशन कोर कमेटी का पुनर्गठन, विशेष मादक पदार्थ विरोधी अभियान, छात्रों के बीच जागरूकता कार्यक्रम, मीडिया अभियान और ‘हुल्हलियाप शॉर्ट स्टे’ जैसी पुनर्वास योजनाएं शुरू की गईं.

उन्होंने बताया कि राज्य के सबसे बड़े नागरिक समाज संगठन यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) ने एक वर्ष लंबा नशा विरोधी अभियान चलाया और पूरे मिजोरम में एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड अभियान सक्रिय रूप से संचालित किए. चर्चों को भी अपने समुदायों में जागरूकता और रोकथाम संबंधी प्रयास तेज करने के लिए प्रोत्साहित किया गया.

लालदुहोमा ने कहा कि Government ने मिजोरम सिनोड के सहयोग से सेथॉन जॉर्डन सेंटर सहित कई पुनर्वास केंद्रों के साथ साझेदारी कर उपचार और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत किया है.

युवाओं से विशेष रूप से नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील करते हुए Chief Minister ने कहा कि यदि नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध भी हों, तब भी लोगों में उन्हें ठुकराने का साहस और दृढ़ संकल्प होना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई लोग यह सोचकर नशे का प्रयोग शुरू करते हैं कि वे इसकी गिरफ्त में नहीं आएंगे, लेकिन धीरे-धीरे इसकी लत के शिकार हो जाते हैं.

उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति का जीवन बर्बाद करता है, बल्कि परिवारों को भी तबाह कर देता है और कई मामलों में समय से पहले मौत का कारण बनता है.

Chief Minister ने अवैध मादक पदार्थ कारोबार से लाभ कमाने वालों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे लोग अपने स्वार्थ के लिए व्यक्तियों, परिवारों और पूरे समाज को बर्बादी की ओर धकेलते हैं.

हालिया तस्करी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि तस्कर अक्सर लोगों के भरोसे, दोस्ती और मिजो समाज की मददगार परंपरा का दुरुपयोग करते हैं. वे अनजान लोगों से नशीले पदार्थों वाले पैकेट ढोने को कहते हैं, जिसके कारण कई निर्दोष लोग अनजाने में तस्करी के मामलों में फंसकर गिरफ्तार हो चुके हैं.

लालदुहोमा ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध ड्रग तस्कर या अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के नशे के कारोबार में शामिल होने की जानकारी या आशंका हो तो उसकी सूचना अवश्य दी जानी चाहिए ताकि उसे कानून के अनुसार सजा मिल सके.

कार्यक्रम को सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री लालरिनपुई, आबकारी एवं नारकोटिक्स मंत्री लालंघिंगलोवा हमार, विधायक के. लालदावंगलियाना और मुख्य सचिव खिल्ली राम मीणा ने भी संबोधित किया.

इस अवसर पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, सामुदायिक नेता और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे. सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त रहने और मादक पदार्थों के दुरुपयोग तथा अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.

डीएससी

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