छत्तीसगढ़ में UCC का ड्राफ्ट तैयार करेगी देसाई समिति, सरकार ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
TV9 Bharatvarsh June 26, 2026 08:42 AM

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और उसका प्रारूप तैयार करने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्यामधर सिंह और एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा ज्योति रानी सिंह सदस्य होंगे.

यह समिति विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों पर वर्तमान कानूनी व्यवस्था का अध्ययन करेगी. साथ ही नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विधि विशेषज्ञों से सुझाव लेकर UCC का प्रारूप तैयार कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपेगी. समिति अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करेगी.

दूसरे राज्यों की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करेगी कमेटी

यह कमेटी विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों पर वर्तमान कानूनी व्यवस्था का अध्ययन करेगी. इन सभी मुद्दों पर आम जनता और सामाजिक संगठनों से सुझाव लिए जाएंगे. इस दौरान इसका ध्यान भी रखा जाएगा कि नया कानून पूरी तरह से समावेशी हो. फिर सभी से सुझाव लेकर यूसीसी का प्रारूप तैयार किया जाएगा. इसके बाद कमेटी राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपेगी.

भारत में अभी उत्तराखंड, असम और गुजरात में यूसीसी लागू है. छत्तीसगढ़ की कमेटी इन राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करेगी. इसके बाद कमेटी, जो मसौदा सरकार को सौंपेगी. उस पर विधानसभा में बिल लाया जाएगा और उसे कानून की शक्ल दी जा सकेगी.

क्या है समान नागरिक संहिता?

भारत में अलग-अलग धर्मों के लिए पारिवारिक मामलों (जैसे शादी, तलाक, जमीन-जायदाद का बंटवारा, और गोद लेना) से जुड़े कानून अलग-अलग हैं (जैसे हिंदू पर्सनल लॉ, मुस्लिम पर्सनल लॉ). लेकिन UCC लागू होने के बाद, देश में रहने वाले हर नागरिक पर एक जैसा कानून लागू होगा, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का क्यों न हो. यूसीसी में मुख्य रूप से शादी और तलाक, संपत्ति का अधिकार, बच्चा गोद लेना, लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषय शामिल हैं.

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