Alliance: 90 के दशक में सबने रिजेक्ट किया, मेरा वक्त अब आया…'अलायंस' शो में रवि किशन ने बयां की दर्द भरी कहानी
TV9 Bharatvarsh June 26, 2026 07:44 PM

Alliance: प्राइम वीडियो का नया और धमाकेदार रियलिटी शो ‘अलायंस’ शुरू होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है. शो का नियम ही कुछ ऐसा था कि सभी कंटेस्टेंट्स घर के अंदर जोड़ियां बनाकर आए थे, लेकिन आते ही मेकर्स ने खेल पलट दिया. शो की सभी जोड़ियां अब टूट चुकी हैं और घर के अंदर चार-चार सदस्यों के चार अलग-अलग गुट बन गए हैं. इन्हीं में से एक गुट का नाम है ‘किंग’. इस ‘किंग’ गुट की कमान किसी और को नहीं, बल्कि भोजपुरी के सुपरस्टार और हम सबके चहेते रवि किशन के हाथ में है. इस गुट में रवि किशन के साथ मशहूर गेमर पायल गेमिंग और वंशज भी शामिल हैं. ये टीम अब गेम में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है.

शो के दौरान जब टास्क और रणनीति की बात चल रही थी, तब टीम की मेंबर पायल गेमिंग ने रवि किशन से बहुत ही प्यार से कहा,”आप तो पापा की तरह हैं, आप आराम करो, बाकी हम संभाल लेंगे.”पायल की यह बात सुनकर रवि किशन भावुक हो गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए अपने पुराने दिनों को याद किया. उन्होंने पायल से कहा कि उन्हें ये सुनकर बहुत अच्छा लगा, लेकिन उनका यह सफर इतना आसान नहीं था.

’90 के दशक में सब मुझे नकारते थे…’

रवि किशन ने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए बताया कि आज भले ही लोग उन्हें स्टार मानते हैं, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब उनके टैलेंट की कदर नहीं थी. रवि किशन ने कहा, ”90 के दशक में जब दूसरे बड़े-बड़े स्टार्स बनते जा रहे थे, तब लोग मुझे पूरी तरह रिजेक्ट करते थे. मैं देख सकता था कि लोग आगे बढ़ रहे हैं, जबकि मैं पढ़ा-लिखा था, मेरी आवाज अच्छी थी, मैं घुड़सवारी, फाइट, उर्दू, हिंदी, थिएटर, डांस… सब कुछ जानता था. मैं पूरी तैयारी के साथ आया था, लेकिन फिर भी मैं पीछे रह गया और बाकी सब आगे निकल गए.”

मेरा वक्त 34 साल बाद आया…

अपनी बात आगे बढ़ाते हुए रवि किशन ने एक बहुत ही प्रेरणादायक बात कही. उन्होंने कहा,”उनका समय पहले आ गया था, मेरा समय बाद में आया. लेकिन मुझे ये मालूम था कि मेरा वक्त भले ही 34 साल बाद आएगा, पर आएगा जरूर. मेरा भी तो एक दुरुस्त वक्त आना था ना!” रवि किशन ने हंसते हुए कहा कि जब उनका वक्त आया, वो तब आया जब उन्होंने उस साल के सारे बेस्ट एक्टर अवॉर्ड्स अपने नाम कर लिए. वो उन बड़े-बड़े स्टेजेस पर पहुंच गए जहां कभी लोग उन्हें बुलाते भी नहीं थे.

रवि किशन का ये इमोशनल और मोटिवेशनल अंदाज फैंस को बेहद पसंद आ रहा है. उन्होंने साबित कर दिया है कि भले ही आज वह ‘किंग’ गुट के लीडर हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने जिंदगी में बहुत लंबा संघर्ष किया है. अब देखना यह होगा कि रवि किशन का यह तजुर्बा उनकी टीम ‘किंग’ को इस खेल में कितने आगे तक ले जाता है.

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