पीस डील करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ एक और डील करने की योजना बना रहे हैं. ट्रंप की निगाहें तेहरान के एग्रीकल्चर मार्केट पर हैं. उन्होंने एक बयान में कहा है कि ईरान यूएस एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट के लिए एक बड़ा मार्केट बन सकता है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी प्रशासन ने शांति समझौते के बाद इसको लेकर बातचीत भी शुरू कर दी है.
ईरान खरीदेगा US के एग्रीकल्चर प्रोडक्ट?
ट्रंप ने कहा, 'हमने शुरुआत कर दी है और अब एक नया बाजार सामने आ रहा है, उसका नाम है ईरान. ईरान को अमेरिकी कृषि उत्पादों का संभावित खरीदार बताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'उन्हें भोजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है. हम उनके कुछ पैसे लेंगे और उन्हें खर्च करके बड़ी मात्रा में गेहूं, सोयाबीन और मक्का खरीदेंगे. यह प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू होने वाली है. यह बहुत बड़े पैमाने पर होगी.'
जेडी वेंस भी दे चुके बयान
इससे पहले, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी अपने बयान में कहा था कि ईरान को अमेरिका कृषि उत्पाद खरीदने के लिए फ्रीज संपत्ति का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी व्यवस्था की पुष्टि नहीं की है. अमेरिका लंबे समय से दुनिया के सबसे बड़े गेहूं, मक्का और सोयाबीन निर्यातकों में शामिल रहा है. अमेरिकी कृषि निर्यात को अलग-अलग सरकारों ने व्यापार, आर्थिक और विदेश नीति के महत्वपूर्ण साधन के रूप में भी इस्तेमाल किया है.
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ट्रंप ने किसानों को 11 अरब डॉलर की मदद का किया ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बयान व्हाइट हाउस में किसानों के सम्मान में आयोजित डिनर पार्टी में दिया. उन्होंने कांग्रेस से पिछली नीतियों से प्रभावित उत्पादकों के लिए नई वित्तीय सहायता को मंजूरी देने को भी कहा. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी किसानों के लिए 11 अरब डॉलर की अतिरिक्त राहत राशि की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह फंड पिछली सरकार के नियमों के कारण हुए नुकसान की भरपाई उत्पादकों को करेगा.
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ प्रशासन की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि इससे बातचीत में वाशिंगटन की स्थिति मजबूत हुई है. उन्होंने कहा, हमें यू-टर्न लेना पड़ा. हमें ईरान की ओर बढ़ना होगा, क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया गया तो उनके पास परमाणु हथियार होगा.