उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएल्सा का भविष्य एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि टीम फीफा विश्व कप 2026 से निराशाजनक तरीके से बाहर हो गई है।
उरुग्वे ग्रुप एच में एक भी मैच जीतने में असफल रहा। टीम ने सऊदी अरब और केप वर्डे के खिलाफ मुकाबले ड्रॉ किए, जबकि स्पेन से 1-0 की हार ने उनके अभियान का अंत कर दिया।
मैच के बाद बिएल्सा की झुंझलाहट साफ झलक रही थी, जब वे प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार के साथ तीखी बहस में उलझ गए।
ऑनलाइन सामने आए वीडियो के अनुसार, अनुभवी कोच ने एक सवाल पर नाराजगी जताई, जिससे यह घटना व्यापक रूप से चर्चा में आ गई। बिएल्सा अपने तीखे स्वभाव और सीधेपन के लिए जाने जाते हैं और अपने करियर में मीडिया के साथ कई बार तनावपूर्ण संबंधों में रहे हैं।
उरुग्वे ने टूर्नामेंट की शुरुआत नॉकआउट चरण तक पहुंचने की उम्मीदों के साथ की थी, लेकिन टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। तीन मैचों में केवल दो अंक जुटाने के बाद उरुग्वे बिना किसी जीत के अपने अभियान को समाप्त कर बैठा।
इस निराशाजनक प्रदर्शन ने बिएल्सा के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब उनकी नियुक्ति से बड़ी उम्मीदें जुड़ी थीं।
हार के बाद भले ही बिएल्सा ने गुस्सा दिखाया हो, लेकिन उन्होंने बाद में उरुग्वे के खराब अभियान की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। 70 वर्षीय कोच ने स्वीकार किया कि टीम के परिणाम उम्मीदों से बहुत नीचे रहे, हालांकि उनका मानना था कि कुछ मैचों में टीम बेहतर परिणाम की हकदार थी।
उन्होंने यह भी माना कि अपने लगभग साढ़े तीन साल के कार्यकाल में वह उरुग्वे फुटबॉल में वह सफलता नहीं दिला सके, जिससे कोई स्थायी विरासत बन पाती। इससे यह अनिश्चितता और बढ़ गई है कि आगे कोच और राष्ट्रीय टीम दोनों के लिए क्या होने वाला है।