29 जून 2026 को पड़ने वाली ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन आकाश में एक खास खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा, जिसे “Strawberry Moon” कहा जाता है। इस दिन चांद को लेकर लोगों में खास उत्सुकता रहती है कि क्या यह सच में गुलाबी या लाल दिखाई देता है।
क्या सच में गुलाबी होता है स्ट्रॉबेरी मून?वैज्ञानिकों के अनुसार, स्ट्रॉबेरी मून का नाम उसके रंग से नहीं, बल्कि एक परंपरागत नामकरण से जुड़ा है। इस दिन चांद आमतौर पर सामान्य पूर्णिमा जैसा ही दिखाई देता है—सफेद या हल्का सुनहरा। हालांकि, क्षितिज के पास होने पर वातावरण की वजह से यह हल्का लाल या नारंगी जरूर दिख सकता है।
नाम “Strawberry Moon” कैसे पड़ा?यह नाम मूल रूप से उत्तर अमेरिका की कुछ जनजातियों की परंपरा से आया है। जून का समय वहां जंगली स्ट्रॉबेरी की फसल के पकने का होता था, इसलिए इस पूर्णिमा को “Strawberry Moon” कहा जाने लगा।
ज्योतिषीय मान्यता और उपायमान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। इस दिन लोग:
कहा जाता है कि इस दिन चंद्रमा की पूजा करने से मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।