22 महीने बाद शेख हसीना का ऐलान- इस साल बांग्लादेश लौट जाऊंगी, तख्तापलट के बाद दिल्ली आई थीं
TV9 Bharatvarsh June 29, 2026 01:43 AM

करीब दो साल पहले बांग्लादेश की राजनीति में जो भूचाल आया था, उसकी गूंज आज भी थमी नहीं है. सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह कोई नया राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि उनकी वापसी को लेकर दिया गया बड़ा बयान है. लंबे समय से यह सवाल उठ रहा था कि क्या शेख हसीना कभी अपने देश लौटेंगी? अब उन्होंने खुद इस पर चुप्पी तोड़ते हुए ऐलान कर दिया है कि वह इसी साल बांग्लादेश वापस लौटने की योजना बना रही हैं. उनके इस बयान के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है.

शेख हसीना ने हालिया इंटरव्यू में कहा कि वह इस साल बांग्लादेश लौटेंगी, चाहे उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों और सजा का सामना ही क्यों न करना पड़े. उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि लोकतंत्र तथा जनता के अधिकारों के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी. हसीना का कहना है कि उन्हें अपने देश और वहां की जनता पर पूरा भरोसा है और वह किसी भी परिस्थिति से डरने वाली नहीं हैं. उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है, इस पर उन्होंने कहा, ‘मैं मौत से नहीं डरती. 1975 में मैंने अपने माता-पिता, भाइयों और लगभग पूरे परिवार को खो दिया. 21 अगस्त को मुझ पर ग्रेनेड हमला हुआ था. मेरे खिलाफ अनेक साजिशें रची गईं, लेकिन हर बार मैं लोगों के साथ खड़ी रही.’

2024 से भारत में हैं

अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था. इसके बाद वह भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं. इस दौरान बांग्लादेश में उनके खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज किए गए. कुछ मामलों में उन्हें अनुपस्थिति में सजा भी सुनाई जा चुकी है, जबकि उनकी पार्टी अवामी लीग भी लंबे समय से राजनीतिक दबाव का सामना कर रही है. अपने बयान में शेख हसीना ने वर्तमान सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए.

लगाए कई आरोप

शेख हसीना ने अपने बयान में कहा, ‘मेरे खिलाफ दिया गया फैसला न्याय नहीं है, बल्कि एक अवैध, असंवैधानिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रक्रिया का हिस्सा है.’ साथ ही उन्होंने कहा कि देश में सामान्य लोकतांत्रिक माहौल बहाल होना जरूरी है, ताकि जनता स्वतंत्र रूप से अपनी बात रख सके. शेख हसीना की संभावित वापसी को सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बांग्लादेश की आने वाली राजनीति के लिए अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. कहा जा रहा है कि अगर वो वास्तव में इस साल बांग्लादेश लौटती हैं, तो वहां की सियासत में नए समीकरण बन सकते हैं और राजनीतिक तनाव भी बढ़ सकता है. हालांकि उनकी वापसी कब और किन परिस्थितियों में होगी, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक कार्यक्रम सामने नहीं आया है.

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