
Mumbai , 29 जून . टीवी इंडस्ट्री में कलाकारों को रोज नए किरदार निभाने पड़ते हैं, लंबे समय तक शूटिंग करनी होती है और हर दिन बेहतर परफॉर्म करने का दबाव भी रहता है. ऐसे माहौल में खुद को एक्टिव रखना किसी चुनौती से कम नहीं होता. इसी मुद्दे पर अब टीवी Actress प्राची सिंह ने से विचार साझा किए हैं.
इन दिनों ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में मंजरी उर्फ मुन्नी का किरदार निभा रहीं प्राची का कहना है कि इस इंडस्ट्री में काम करने के लिए सिर्फ अच्छा Actor होना काफी नहीं है, बल्कि मानसिक रूप से मजबूत और जमीन से जुड़ा रहना भी बेहद जरूरी है.
प्राची सिंह ने से बात करते हुए कहा, ”यह काम बहुत चुनौती भरा है. ऐसे में मानसिक सेहत का ध्यान रखना और सही सोच बनाए रखना बहुत जरूरी है. इस इंडस्ट्री में बहुत धैर्य की जरूरत होती है. अगर आप छोटी-छोटी बातों से परेशान होने लगेंगे, तो लंबे समय तक यहां टिक पाना मुश्किल हो सकता है. इसलिए खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखना जरूरी है.”
उन्होंने कहा, “परिवार और अपनी जड़ों से जुड़े रहना इंसान को अंदर से मजबूत बनाता है. जब कोई व्यक्ति अपने परिवार के साथ जुड़ा रहता है, तो एक अलग सुकुन मिलता है. सबसे जरूरी बात यह है कि इंसान हमेशा खुद जैसा है, वैसा ही रहे. दिखावे में जीने से मन कभी शांत नहीं रहता.”
प्राची ने कहा, “सफलता मिलने के बाद भी इंसान को विनम्र बने रहना चाहिए. मनोरंजन की दुनिया में जमीन से जुड़े रहना थोड़ा मुश्किल जरूर होता, लेकिन अगर इंसान व्यवहार और सोच को नहीं बदलता, तो वह हर परिस्थिति में खुश रह सकता है. मैं चाहूंगी कि हर कलाकार सफलता मिलने के बाद भी विनम्र बना रहे.”
बातचीत के दौरान प्राची सिंह ने अभिनय के तरीके के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा, ”मेरे लिए इमोशनल सीन्स सबसे ज्यादा मुश्किल होते हैं. ऐसे सीन्स में मैं सोचती हूं कि अगर मेरे साथ ऐसा होता तो मैं कैसा महसूस करती और कैसी प्रतिक्रिया देती. जब आप उस दर्द या खुशी को सच में महसूस करने लगते हैं, तभी वह इमोशन्स पर्दे पर भी सच्चे दिखाई देते हैं. यही तरीका मुझे इमोशनल सीन्स को शूट करने में मदद करता है.”
प्राची ने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के सेट का अनुभव भी साझा किया. उन्होंने बताया, ”वहां काम का माहौल बहुत अच्छा है और अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए सीखने का शानदार मौका है. इस शो के लिए मुझे अचानक ऑडिशन भेजने के लिए कहा गया था. मैंने किरदार की जानकारी मिलने के बाद तुरंत ऑडिशन रिकॉर्ड करके भेज दिया. करीब 10 से 15 दिन बाद मुझे फोन आया और बताया गया कि मेरा सलेक्शन हो गया है. यह खबर सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. मैं इस मौके को अपने करियर का बेहद खास पड़ाव मानती हूं.”
–
पीके/एबीएम