मशरूम जैसी 5 आंखें, हाथी जैसी सूंड! 50 करोड़ साल पहले जब समंदर में राज करता था ये अनोखा जीव
TV9 Bharatvarsh June 29, 2026 10:43 PM

Interesting Facts In Hindi: सोचिए एक ऐसा जीव जिसकी 5 आंखें हों, हाथी जैसी सूंड हो, लेकिन साइज में वो आपकी एक उंगली जितना छोटा हो. सुनने में यह किसी साइंस फिक्शन मूवी का एलियन लग सकता है, लेकिन आज से करीब 50.5 करोड़ साल पहले हमारी धरती के समंदरों में सच में ऐसा एक अजीबोगरीब जीव राज करता था. इसका नाम ओपबीनिया (Opabinia) है. कैम्ब्रियन काल (Cambrian period) का यह अनोखा जीव आज के किसी भी जानवर से मेल नहीं खाता. आइए जानते हैं इस कुदरत के करिश्मे से जुड़े कुछ ऐसे होश उड़ाने वाले फैक्ट्स, जिन्हें जानकर वैज्ञानिक भी हैरान रह गए थे.

सिर पर मशरूम जैसी 5 आंखें

ओपबीनिया के सिर पर डंठल जैसी 5 आंखें होती थीं, जो देखने में छोटे मशरूम या बल्ब जैसी लगती थीं. इनमें से दो आंखें आगे, दो पीछे और एक बिल्कुल बीच में हुआ करती थी. वैज्ञानिकों का मानना है कि इन 5 आंखों की मदद से इसे 360 डिग्री व्यू मिलता था, जिससे यह चारों तरफ नजर रखकर अपने शिकारियों से बच जाता था.

हाथी जैसी सूंड!

इसके चेहरे के आगे एक लंबी और बेहद लचीली सूंड थी, जो इसके पूरे शरीर की लंबाई की करीब एक-तिहाई थी. इस सूंड के आखिरी छोर पर नुकीले कांटे या पंजे जैसी बनावट होती थी. यह अपनी सूंड से समंदर की रेत को कुरेदकर छिपे हुए कीड़ों को पकड़ता था और फिर उन्हें मुंह तक पहुंचाता था.

सिर के पीछे और नीचे की तरफ मुंह

इस जीव का मुंह सीधा आगे नहीं, बल्कि सूंड के नीचे सिर के पिछले हिस्से में नीचे की तरफ होता था. यानी यह सीधे मुंह से शिकार नहीं निगलता था, बल्कि सूंड से पकड़कर खाने को पीछे की तरफ खींचकर खाता था.

पैर नहीं, तैरने के लिए थे पंख

ओपबीनिया के पास जमीन पर चलने के लिए पैर नहीं थे. पानी में तैरने के लिए इसके शरीर के दोनों तरफ 15 जोड़ी फ्लैप या पंख बने हुए थे. यह इन्हें लहरों की तरह हिलाकर समंदर की गहराइयों में तैरता था.

साइज में बेहद छोटा सा ‘दानव’

भले ही इसकी बनावट किसी हॉरर फिल्म के मॉन्स्टर जैसी लगती हो, लेकिन असलियत में इसका आकार बहुत छोटा था. एक औसत ओपबीनिया सूंड को मिलाकर भी केवल 4 से 7 सेंटीमीटर लंबा ही होता था. यह भी पढ़ें: मोहब्बत की ऐसी भयानक सजा! जानिए कौन है Sylvie Yasmina, जो पाकिस्तान में 12 साल से भोग रही थी नरक

जब कॉन्फ्रेंस में हंस पड़े थे वैज्ञानिक

साल 1975 में जब जीवाश्म विज्ञानी हैरी व्हिटिंगटन ने पहली बार एक साइंस कॉन्फ्रेंस में इस जीव का मॉडल वैज्ञानिकों के सामने रखा, तो वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े थे. उन्हें लगा कि ऐसा अजीबोगरीब जीव प्रकृति में हो ही नहीं सकता और यह कोई मजाक है. लेकिन बाद में रिसर्च ने साबित कर दिया कि यह जीव बिल्कुल सच था. यह भी पढ़ें: क्या इंसान इतने गिर सकते हैं? पालतू कुत्ते के साथ इस कपल ने जो किया, जानकर खौल उठेगा खून!

कहां मिले इसके अवशेष?

ओपबीनिया के जीवाश्म कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में स्थित ‘बर्गेस शेल’ नाम की जगह से मिले थे. यह जगह प्रागैतिहासिक काल के जीवों के इतिहास को समझने के लिए दुनिया के सबसे बड़े खजानों में से एक मानी जाती है. (स्रोत: a-z-animals.com/livescience.com)

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