वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का आकार (शेप) सिर्फ डिजाइन का हिस्सा नहीं होता, बल्कि इसका सीधा संबंध घर में रहने वाले लोगों की ऊर्जा, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति से भी माना जाता है। यदि घर की बनावट सही न हो तो उसमें वास्तु दोष उत्पन्न हो सकते हैं, जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव डाल सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार आयताकार, वर्गाकार और तिकोना घर की ऊर्जा अलग-अलग तरह से प्रभावित करती है, इसलिए इनके लिए कुछ विशेष वास्तु नियम बताए गए हैं।
आयताकार घर (Rectangular House Vastu)आयताकार घर को सामान्यतः शुभ माना जाता है, लेकिन यदि इसका संतुलन सही न हो तो ऊर्जा असंतुलित हो सकती है।
वर्गाकार घर को वास्तु के अनुसार सबसे संतुलित और शुभ आकार माना जाता है।
तिकोना घर को वास्तु शास्त्र में कम अनुकूल माना गया है, क्योंकि इससे ऊर्जा असंतुलित हो सकती है।
घर की गलत शेप या असंतुलन के कारण परिवार में कलह, आर्थिक परेशानी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए घर का डिजाइन और दिशा दोनों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
वास्तु के आसान उपाय