Ashadha Month 2026: आषाढ़ का पावन महीना शुरू, किन देवी-देवताओं की पूजा से बनेंगे बिगड़े काम?
TV9 Bharatvarsh June 30, 2026 11:42 AM

Ashadha Month Significance: हिंदू धर्म में आषाढ़ मास को बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है. यह महीना भक्ति, साधना, दान-पुण्य और भगवान की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है. धार्मिक मान्यता है कि इस पूरे महीने श्रद्धा और नियम के साथ देवी-देवताओं की पूजा करने से जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में आषाढ़ मास की शुरुआत 30 जून से हो रही है, जबकि इसका समापन 29 जुलाई 2026 को होगा.

भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व

आषाढ़ मास में भगवान विष्णु की पूजा सबसे अधिक फलदायी मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस महीने श्रीहरि की विधि-विधान से आराधना करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं. भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल, पीले वस्त्र और पंचामृत अर्पित करना शुभ माना जाता है. साथ ही ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

भगवान जगन्नाथ की आराधना भी देती है शुभ फल

आषाढ़ मास का सबसे प्रमुख उत्सव भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा है. इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि श्रद्धा के साथ भगवान जगन्नाथ का स्मरण करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होने का आशीर्वाद मिलता है.

भगवान शिव की करें उपासना

आषाढ़ मास में भगवान शिव की पूजा भी बहुत शुभ मानी जाती है. शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और सफेद पुष्प अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि भोलेनाथ की कृपा से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं.

माता लक्ष्मी की पूजा से बढ़ती है समृद्धि

यदि कोई व्यक्ति आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है तो आषाढ़ मास में माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है. शुक्रवार के दिन विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन करने और दीपक जलाने से धन-धान्य में वृद्धि होने की धार्मिक मान्यता है. इसके साथ ही स्वच्छता और सात्विक जीवनशैली अपनाने पर भी विशेष जोर दिया जाता है.

तुलसी पूजन का भी है विशेष महत्व

आषाढ़ मास में प्रतिदिन तुलसी माता को जल अर्पित करना और शाम के समय दीपक जलाना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी पूजन से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है.

आषाढ़ मास में क्या करें?

आषाढ़ मास के दौरान रोज सुबह स्नान कर भगवान का ध्यान करें. अपनी क्षमता के अनुसार दान-पुण्य करें, सात्विक भोजन ग्रहण करें, जरूरतमंद लोगों की मदद करें और नियमित रूप से मंत्र जाप या धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें. इन कार्यों को धार्मिक परंपराओं में पुण्यदायी माना गया है.

आषाढ़ मास का धार्मिक महत्व

आषाढ़ का महीना वर्षा ऋतु की शुरुआत का संकेत देता है. प्रकृति में हरियाली बढ़ने लगती है और वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार होता है. धार्मिक दृष्टि से यह समय भगवान विष्णु, भगवान जगन्नाथ, भगवान शिव और माता लक्ष्मी की आराधना के लिए शुभ माना जाता है. इसी महीने कई महत्वपूर्ण व्रत और पर्व भी आते हैं, जिनका सनातन परंपरा में विशेष स्थान है. मान्यता है कि इस पूरे महीने किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़कर मिलता है. इसलिए श्रद्धालु इस दौरान नियमित पूजा-पाठ, मंत्र जाप और जरूरतमंदों की सहायता करने का संकल्प लेते हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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