'AP7AM' की खेल रिपोर्ट के अनुसार, विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण में बांग्लादेश के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए निर्णायक मैच में भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अपनी गेंदबाजी को मजबूत करने के लिए दो बड़े बदलाव किए थे। मैच में बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इस चुनौती का सामना करने के लिए भारत ने अपनी स्टार तेज गेंदबाज रेनुका सिंह ठाकुर और बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव को प्लेइंग इलेवन में वापस शामिल किया। इन दोनों गेंदबाजों को सयाली सतघरे और तितास साधु की जगह टीम में जगह दी गई।
शुरुआती मैचों में टीम कॉम्बिनेशन के कारण बाहर रहने के बाद, नई गेंद से स्विंग कराने में माहिर रेनुका सिंह ठाकुर की वापसी भारतीय पावरप्ले के लिए बेहद कारगर साबित हुई। उनकी अंदर आती हुई गेंदों ने बांग्लादेशी सलामी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर का यह रणनीतिक फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ, क्योंकि रेनुका और राधा की कसी हुई गेंदबाजी की बदौलत भारत ने बांग्लादेश को कम स्कोर पर रोका और बाद में शेफाली वर्मा की तूफानी पारी की मदद से 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज कर अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा था।