Maihar Mata Temple Mystery: भारत आस्था, आध्यात्म और चमत्कारी मंदिरों की भूमि है. यहां हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक बहुत से प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर हैं, जिनके बारे में जानकर लोग हैरान हो जाते हैं. ऐसा ही एक मंदिर मध्य प्रदेश के मैहर में भी है. ये मंदिर त्रिकुट पर्वत पर 600 फीट की ऊंचाई पर है. ये मंदिर माता शारदा का है. इसको मैहर माता का मंदिर भी कहा जाता है.
यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये मंदिर शक्तिपीठ है. कहा जाता है कि यहां माता सती के गले का हार गिरा था. इस कारण इस स्थान का नाम मैहर (मां का हार) पड़ा. इस मंदिर की सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात ये है कि यहां कपाट बंद होने के बाद भी माता की पूजा हो जाती है और घंटियों की आवाज सुनाई देती है. आइए जानते हैं इस मंदिर का ये रहस्य.
आल्हा और ऊदल मंदिर में आकर पूजा करते हैंकहा जाता है कि शाम के समय मंदिर के कपाट बंद होने और चारों ओर सन्नाटा छाने के बाद भी मंदिर के अंदर लगातार घंटियों के बजने की आवाज सुनाई देती है. ये घटना लोगों की आस्था और जिज्ञासा का केंद्र है. लोक मान्यता है कि माता शारदा के परम भक्त आल्हा और ऊदल मंदिर में आकर पूजा करते हैं. यही कारण है कि मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भी घंटियों की आवाज सुनाई देती है.
ब्रह्म मुहूर्त में भी मंदिर के आसपास घंटियों की आवाज आती है. मंदिर के पुजारी जब सुबह कपाट खोलते हैं, तो मां की प्रतिमा पर फूल चढ़े हुए मिलते हैं. श्राद्धालुओं का मानना है कि आज भी आल्हा और ऊदल को मां की पूजा सबसे पहले करने का सौभाग्य प्राप्त होता है. आल्हा और ऊदल माता शारदा के बहुत बड़े भक्त माने जाते हैं.
माता ने दिया था अमरत्व का वरदानमान्यता है कि इन दोनों के कठोर तप से प्रसन्न होकर माता ने इनको अमरत्व प्रदान किया था. इन दोनों की गिनती महान योद्धाओं में की जाती है. इन्होंने पृथ्वीराज चौहान को हराया था. बाद में गुरु गोरखनाथ के कहने पर आल्हा ने संन्यास ले लिया था. माता के मंदिर में आज भी आल्हा की निशानियां सुरक्षित हैं. यहां आल्हा की तलवार और खड़ाऊ के भक्त दर्शन किया करते हैं.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.