बिहार के विकास को मिली नई रफ्तार, 15000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर बनी सहमति; जानें क्या-क्या होगा खास
TV9 Bharatvarsh July 01, 2026 12:43 AM

Bihar Infrastructure News: बिहार में सड़क अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास को नई गति मिलने जा रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य की प्रमुख एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की. बैठक में लगभग 15,000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को गति देने और कई महत्वपूर्ण कॉरिडोर को पहले प्रस्तावित 4 लेन के बजाय सीधे 6 लेन के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी.

बैठक में बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र, विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे. करीब आधे घंटे चली इस उच्चस्तरीय बैठक में बिहार की सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक में तय किया गया कि बिहार के तीन बड़े एक्सप्रेस-वे को भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को देखते हुए सीधे 6 लेन के रूप में विकसित किया जाएगा.

  • गोरखपुरसिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, जो उत्तर बिहार को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से बेहतर तरीके से जोड़ेगा.
  • बक्सरभागलपुर एक्सप्रेस-वे, जिससे पूर्वी और पश्चिमी बिहार के बीच आवागमन तेज और सुगम होगा.
  • रक्सौलहल्दिया कॉरिडोर, जो नेपाल सीमा से पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह तक माल परिवहन और व्यापार को नई गति देगा.
  • पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर तेजी

    बैठक में बिहार के पहले पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में तेजी लाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई. यह परियोजना राजधानी पटना को सीमांचल क्षेत्र से हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क के माध्यम से जोड़ेगी और राज्य के आर्थिक विकास को नई दिशा देगी,

    खगड़ियापूर्णिया कॉरिडोर को मिली मंजूरी

    बैठक में 144 किलोमीटर लंबे खगड़िया-पूर्णिया खंड को हाई-स्पीड नियंत्रित 4-लेन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की मंजूरी भी दी गई. इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3,936 करोड़ रुपये बताई गई है. भविष्य में यातायात की आवश्यकता के अनुसार इसके विस्तार की भी योजना है. बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की उन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जो भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण अथवा वन स्वीकृति जैसी समस्याओं के कारण लंबित थीं.

    फोरलेन हाईवे होंगे सिक्सलेन

    राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर इन बाधाओं को दूर करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने पर सहमति जताई है. बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए बिहार सरकार ने कई मौजूदा 4-लेन राष्ट्रीय राजमार्गों को 6 लेन में अपग्रेड करने का प्रस्ताव भी रखा. पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि जहां भूमि अधिग्रहण या वन विभाग की स्वीकृति में बाधा है, वहां तेजी से समाधान कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा.

    जल्द तैयार होगा DPR

    बैठक में बक्सर से भागलपुर तक गंगा नदी के दोनों किनारों पर सड़क विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर भी सहमति बनी. पहले दक्षिणी तट पर सड़क निर्माण की योजना थी, अब उत्तरी तट पर भी राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की तैयारी शुरू होगी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार सरकार को इस परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) जल्द तैयार कर भेजने का निर्देश दिया है.

    बेहतर होगी सड़क कनेक्टिविटी

    यह परियोजना भविष्य में मुजफ्फरपुर, दरभंगा, बक्सर, भागलपुर सहित उत्तर और दक्षिण बिहार के कई जिलों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति देगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ हुई बैठक में बिहार की सड़क कनेक्टिविटी को नई गति देने पर विस्तार से चर्चा हुई. राज्य की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और उन्हें तेजी से पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

    विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार में आवागमन आसान होगा, यात्रा का समय कम होगा, निवेश और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. इतना ही नहीं, इससे राज्य के व्यापार, कृषि, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे. सड़क नेटवर्क के विस्तार से सीमांचल, मिथिलांचल, उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा, जिससे राज्य के समग्र विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

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