Whatsapp का नया 'यूजरनेम' फीचर कही बन न जाए आपके जी का जंजाल, ये है वजह
TV9 Bharatvarsh June 30, 2026 11:43 PM

व्हाट्सएप यूजर्स के लिए एक बहुत बड़ी खबर है! अब आपको किसी से भी चैट करने के लिए अपना पर्सनल मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होगी.जी हां, व्हाट्सएप ने एक ऐसा नया फीचर रोल आउट करना शुरू कर दिया है, जो आपकी प्राइवेसी को पूरी तरह से बदल कर रख देगा.लेकिन… इस नए फीचर के आने से क्या आप ज्यादा सुरक्षित होंगे, या फिर साइबर ठगों के जाल में फंस जाएंगे? आइए जानते हैं –

क्या है यह नया फीचर और कैसे काम करेगा?

दरअसल, व्हाट्सएप ने आधिकारिक तौर पर इस नए फीचर की शुरुआत कर दी है.अब आप बिना अपना नंबर शेयर किए, सिर्फ एक ‘यूजरनेम’ के जरिए किसी से भी चैट की शुरुआत कर सकेंगे.

बिना नंबर शेयर किए करें चैट

यह फीचर मूल रूप से यूजर्स की प्राइवेसी को बढ़ाने के लिए लाया गया है. इसके तहत, हर यूजर अपने लिए एक यूनिक यूजरनेम रिजर्व कर सकेगा – ठीक वैसे ही जैसे आप इंस्टाग्राम या ट्विटर पर करते हैं. इतना ही नहीं, अतिरिक्त सुरक्षा के लिए आपको एक ‘Username Key’ यानी पिन का विकल्प भी मिलेगा.इसका फायदा यह होगा कि कोई भी अनजान व्यक्ति सिर्फ आपका यूजरनेम जानकर आपको सीधे परेशान या संपर्क नहीं कर पाएगा.

कई लोगों के मन में यह सवाल होगा कि क्या कोई भी हमारा यूजरनेम सर्च करके हमें ढूंढ लेगा? तो जवाब है—नहीं.व्हाट्सऐप पर कोई पब्लिक यूजरनेम सर्च डायरेक्टरी नहीं होगी.यानी, अगर किसी को आपसे जुड़ना है, तो उसे आपका बिल्कुल सही और सटीक यूजरनेम पता होना जरूरी होगा.

‘नो पब्लिक सर्च डायरेक्टरी’

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अकाउंट बनाने और वेरिफिकेशन के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह ही जरूरी रहेगा.यूजरनेम का इस्तेमाल सिर्फ संपर्क साधने और चैट करने के लिए होगा.आपको बता दें कि टेलीग्राम जैसी ऐप्स पहले से ही इस तरह की सुविधा दे रही हैं, और अब व्हाट्सएप भी इसी राह पर चल पड़ा है।

साइबर स्कैम और सुरक्षा का बड़ा खतरा

हालांकि, पहली नजर में यह फीचर प्राइवेसी के लिए बेहतरीन लग सकता है, लेकिन टेक जानकारों और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया है.जानकारों के मुताबिक, इस फीचर से साइबर स्कैम को बहुत बड़ा बढ़ावा मिल सकता है।

बढ़ेगा साइबर स्कैम का खतरा!

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि ग्राहक जब चाहे, जितनी बार चाहे अपना यूजरनेम बदल सकता है.ऐसे में अगर कोई स्कैमर किसी के साथ धोखाधड़ी करता है, तो वह तुरंत अपना यूजरनेम बदल लेगा, जिससे उसकी असली पहचान छुपाना बेहद आसान हो जाएगा.जानकारों का मानना है कि इससे न सिर्फ आम लोग ठगी का शिकार होंगे, बल्कि फेक आईडी और पहचान छुपाने की इस सहूलियत से देश की सुरक्षा को भी गंभीर खतरा हो सकता है.

तो व्हाट्सएप का यह नया फीचर पूरी दुनिया में धीरे-धीरे रोल आउट होना शुरू हो गया है. प्राइवेसी के लिहाज से यह एक बड़ा कदम है, लेकिन सुरक्षा के मोर्चे पर यह एक नई चुनौती भी लेकर आया है.अब देखना यह होगा कि व्हाट्सएप इस स्कैम के खतरे से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है.

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