Apple iOS Update: एआई का कारण हैकिंग के मामले बढ़ रहे हैं. एआई टूल्स उपलब्ध होने के कारण साइबर अपराधियों के लिए लोगों को टारगेट करना आसान हो गया है. ऐप्पल को भी इस बात की जानकारी है और उसने इस खतरे को समझते हुए अपने यूजर्स के लिए नई सिक्योरिटी अपडेट रिलीज कर दी है. एआई से हैकिंग के खतरे को देखते हुए कंपनी अपने निर्धारित समय से पहले ही सिक्योरिटी पैचेज लेकर आ गई है. इससे आईफोन और मैकबुक समेत ऐप्पल के दूसरे प्रोडक्ट्स यूज करने वाले यूजर्स को सेफ्टी के लिहाज से ज्यादा टेंशन लेने की जरूरत नहीं रहेगी.
ऐप्पल ने रिलीज की यह अपडेट
ऐप्पल ने हाल ही में iOS 26.5.2, iPadOS 26.5.2 और macOS Tahoe 26.5.2 अपडेट रिलीज की है. इनमें उन सिक्योरिटी पैचेज को रिलीज किया गया है, जो असल में हर ऑपरेटिंग सिस्टम के 26.6 वर्जन में आने वाले थे. यह दिखाता है कि ऐप्पल ने अपना प्लान बदलते हुए एआई से हैकिंग का खतरा भांपकर यह अपडेट रिलीज की है. आमतौर पर जब तक कोई सिक्योरिटी रिसर्चर किसी एक्टिव हैकिंग कैंपेन को डिस्कवर नहीं कर लेते थे, कंपनी बीच में ऐसी अपडेट रिलीज नहीं करती थी.
हकीकत को जान रही है ऐप्पल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐप्पल ने कहा कि वह अब इस हकीकत को समझ चुकी है कि एआई के कारण अब साइबर अटैकर्स बहुत तेजी से खामियों का फायदा उठा सकते हैं. अभी तक ऐसे सबूत नहीं मिले हैं कि मौजूदा OS की खामियों का साइबर अटैकर्स ने फायदा उठाया है, लेकिन अब खामियों को दूर करने उनके फिक्स यूजर्स तक पहुंचाने का काम तेजी से करना होगा. यानी ऐप्पल को यह बात पता है कि अगर उसके ऑपरेटिंग सिस्टम में कोई खामी रहती है तो साइबर अपराधी उसका फायदा उठाने में देर नहीं लगाएंगे और यह कंपनी के करोड़ों यूजर्स की सुरक्षा खतरे में डाल सकता है.
साइबर सिक्योरिटी मॉडल ढूंढ रहे हैं खामियां
एंंथ्रोपिक, गूगल और ओपनएआई जैसी कंपनियां अपने-अपने नए साइबर सिक्योरिटी मॉडल लेकर आई हैं. ये बहुत तेजी से किसी भी सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम में खामियों का पता लगा सकते हैं. एंथ्रोपिक ने अपने प्रोजेक्ट ग्लासविंग के जरिए कुछ कंपनियों को माइथोस मॉडल की एक्सेस दी है, जिसकी मदद से ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर में खामियां ढूंढ़ी जा सकती है. हालांकि, यह पता नहीं चल पाया है कि ऐप्पल के बग फिक्स करने के फैसले में माइथोस मॉडल की कितनी बड़ी भूमिका है.
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