इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास एक संदिग्ध ड्रोन उड़ता हुआ देखा गया. इराकी सुरक्षा बलों ने समय रहते उसे पहचान लिया और ग्रीन जोन के ऊपर ही मार गिराया. इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इराक के सिक्योरिटी मीडिया सेल के प्रमुख साद मान ने बताया कि ड्रोन सीधे ग्रीन जोन के ऊपर उड़ रहा था. यह इलाका बेहद सुरक्षित माना जाता है. यहां इराकी सरकार के बड़े दफ्तर, विदेशी दूतावास और कई अहम सरकारी इमारतें मौजूद हैं. सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई कर ड्रोन को नष्ट कर दिया.
सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो भी सामने आए हैं. कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि ड्रोन का निशाना अमेरिकी दूतावास था. इसी दिन उत्तरी इराक के इरबिल शहर में भी दो ड्रोन गिरे. एक ड्रोन एक घर पर गिरा, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ. दूसरा ड्रोन खुले इलाके में गिरा. इसमें भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ. हाल के दिनों में इरबिल में ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.
एक दिन पहले एयरपोर्ट पर हमले हुए थेA drone reportedly targeted the US embassy in the Iraqi capital city of Baghdad.
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— PressTV Extra (@PresstvExtra) July 1, 2026
इससे एक दिन पहले बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में स्थित अमेरिकी राजनयिक सहायता केंद्र पर भी दो ड्रोन से हमला हुआ था. लगातार दो दिनों में यह दूसरा हमला था. यह केंद्र इराक में अमेरिकी दूतावास के कामकाज के लिए लॉजिस्टिक और प्रशासनिक सहायता देता है. यहां दफ्तर, कर्मचारियों के रहने की जगह, गोदाम और सुरक्षित परिसर मौजूद हैं. इस हमले में भी कोई घायल नहीं हुआ और अब तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है.
हमारी जमीन से नहीं हुए पड़ोसी देशों पर हमले: इराकइन घटनाओं के बीच इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जायदी ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि खाड़ी देशों पर हुए हमले इराक की जमीन से किए गए. उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी हालत में इराक की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमला करने के लिए नहीं होने देगी. उन्होंने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी हथियारबंद समूह इराक की सीमा का इस्तेमाल हमलों के लिए न कर सके.
जायदी ने यह भी कहा कि इराक न तो पूर्व और न ही पश्चिम के किसी दबाव में काम करेगा. देश के फैसले इराक के लोग ही करेंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि इराक दुनिया और पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है. अमेरिका की यात्रा के बाद उनकी तुर्किये, सऊदी अरब और ईरान की यात्रा भी तय है.
फरवरी में अमेरिका और इजराइल ने तेहरान पर हमले किए थे. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए. इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और उन खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं. इसके बाद से इराक भी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का एक अहम केंद्र बन गया है.
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