No AC in UK Cars: हम भारतीयों का हमेशा से ही सपना रहता है की खुद की एक कार हो जिसमें अपने परिवार के साथ छुट्टियों पर घूमने जा सकते हैं. बता दें कि, भारत में हम जब भी कोई कार खरीदने का मन बनाते हैं तो सबसे पहले कार के एसी और माइलेज के बारे में पूछते हैं. चिलचिलाती गर्मी वाले हमारे देश में बिना एसी के कार की कल्पना करना भी नामुमकिन है.
हालांकि, यूनाइटेड किंगडम से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर सबको चौंका दिया है. वहां रहने वाले एक भारतीय शख्स ने तीन महीने पहले एक कार खरीदी थी. लेकिन जब वहां अचानक गर्मी बढ़ी और उसने एसी ऑन करना चाहा तो पता चला कि कार में एसी है ही नहीं. तो चलिए जानतें हैं आख़िरकार इस देश में कई कारों में एसी क्यों नहीं होती है.
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर यूके जैसे विकसित देश में बिना एसी की कारें क्यों बनाई और बेची जाती हैं. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह वहां का मौसम है. यूके और अधिकांश यूरोपीय देशों में साल के ज्यादातर महीने बेहद ठंडे होते हैं. वहां का औसत तापमान काफी कम रहता है जिसके कारण गाड़ियों में एसी से ज्यादा हीटर और ब्लोअर की जरूरत होती है.
यही वजह है कि वहां की कई कार कंपनियां विशेषकर पुराने मॉडल्स या कुछ बजट कारों के बेस वेरिएंट्स में सिर्फ हीटर और फैन ही देती हैं. वहां की गाड़ियों में इंसुलेशन पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है ताकि केबिन के अंदर गर्मी बनी रहे.
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बता दें कि, कुछ लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह खड़ी हो गई है कि वह अब इस कार में चाहकर भी बाहर से अलग से एसी नहीं लगवा सकते. दरअसल कंपनियों ने इन गाड़ियों को इस तरह से डिजाइन किया है कि उनके बोनट के अंदर एसी कंप्रेसर, कंडेंसर और उसकी पाइपलाइन फिट करने के लिए एक्स्ट्रा स्पेस यानी जगह ही नहीं दी गई है.
ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज के चलते अब यूरोप और यूके में भी हर साल गर्मी के नए रिकॉर्ड टूट रहे हैं. ऐसे में बिना एसी वाली गाड़ियां अब वहां के लोगों और खासकर भारतीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही हैं.
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