सरकारी खजाने में बंपर उछाल, जून में GST कलेक्शन ₹1.94 लाख करोड़ पहुंचा
TV9 Bharatvarsh July 01, 2026 04:43 PM

भारत की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है. जून 2026 में देश का ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन 13.9 फीसदी की जोरदार उछाल के साथ 1.94 लाख करोड़ रुपये (1,94,812 करोड़) के पार पहुंच गया है. वित्त मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 1.71 लाख करोड़ रुपये था. एक आम इंसान के नजरिए से देखें तो टैक्स कलेक्शन में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी यह साफ इशारा करती है कि बाजारों में मांग बनी हुई है, आर्थिक गतिविधियां तेज हैं. जब बाजार में सामान बिकता है, कारोबार बढ़ता है, तभी सरकार के खजाने में टैक्स का पैसा बढ़ता है. टैक्स का यह बढ़ता पैसा देश के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विकास योजनाओं को गति देने का काम करता है.

रिफंड का बड़ा आंकड़ा, नेट कमाई भी शानदार

सिर्फ ग्रॉस रेवेन्यू ही नहीं, बल्कि रिफंड चुकाने के बाद की नेट कमाई (शुद्ध राजस्व) भी शानदार रही है. नेट आधार पर देखें तो सरकार के खाते में 1,62,377 करोड़ रुपये आए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 11.2 प्रतिशत ज्यादा है. इस महीने सरकार ने रिफंड के तौर पर भी बड़ी रकम लौटाई है. कुल 32,436 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया है. यह आंकड़ा पिछले साल के 25,121 करोड़ रुपये की तुलना में 29.1 फीसदी अधिक है. अब अगर टैक्स के अलग-अलग हिस्सों पर नजर डालें तो सेंट्रल जीएसटी (CGST) 37,376 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं, स्टेट जीएसटी (SGST) 4 फीसदी बढ़कर 45,116 करोड़ रुपये हो गया. घरेलू लेनदेन से होने वाला इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) भी 7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 52,282 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.

आयातित सामानों ने खजाना भरने में दिखाई ताकत

इस पूरे महीने के टैक्स कलेक्शन की सबसे बड़ी खासियत विदेशों से आने वाले सामानों पर लगने वाला टैक्स रहा. आयात पर लगने वाले IGST में 34.6 फीसदी का जबरदस्त उछाल देखा गया. इसके जरिए खजाने में सीधे 60,038 करोड़ रुपये जमा हुए. इस भारी भरकम वृद्धि ने कुल जीएसटी कलेक्शन को एक बड़ा सहारा दिया. अगर हम सिर्फ घरेलू स्तर पर होने वाली कमाई की बात करें, तो उसमें 6.5 फीसदी की संतुलित ग्रोथ दर्ज की गई है. इस मद में कुल 1,34,774 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. यह स्पष्ट करता है कि घरेलू बाजार में स्थिरता के साथ विदेशी व्यापार में काफी तेजी आई है.

महाराष्ट्र का दबदबा कायम, यूपी की रफ्तार ने चौंकाया

राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो टैक्स देने में महाराष्ट्र का दबदबा अब भी बरकरार है. इस राज्य ने 9 फीसदी की ग्रोथ के साथ सबसे ज्यादा 30,714 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. हालांकि, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली रफ्तार उत्तर प्रदेश ने दिखाई है. देश के प्रमुख राज्यों के बीच यूपी ने 19 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर दर्ज की है, जिसके जरिए 9,165 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ. अन्य राज्यों का प्रदर्शन भी उत्साहजनक रहा. गुजरात ने 12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,743 करोड़ रुपये, कर्नाटक ने 10 प्रतिशत बढ़कर 12,937 करोड़ रुपये, हरियाणा ने 9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,065 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जोड़े हैं. दूसरी तरफ, बड़े राज्यों की सूची में सिर्फ तमिलनाडु ऐसा राज्य रहा जहां टैक्स कलेक्शन घटा है. वहां 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिससे कुल प्राप्ति 9,776 करोड़ रुपये रही.

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