मीनाक्षी नटराजन, तुषार गांधी और कांग्रेस नेताओं ने लोकतंत्र व राम मंदिर मुद्दे पर सरकार को घेरा
Indias News Hindi July 03, 2026 02:42 AM

Mumbai , 2 जुलाई . Mumbai के तिलक भवन में Maharashtra प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ संकल्प रैली’ में राज्य के कई वरिष्ठ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम में लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों पर हो रहे कथित हमलों को लेकर चिंता जताई गई और इसे लेकर व्यापक जन-आंदोलन की जरूरत बताई गई. कार्यक्रम के बाद नेताओं ने से बातचीत में विभिन्न Political और सामाजिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रियाएं भी दीं.

कार्यक्रम के बाद से बातचीत में मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि जिस तरह से पूरे देश में लोकतंत्र पर प्रहार हुआ है, उसका पूरे देश में विरोध हो रहा है. इसी कड़ी में Maharashtra में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. जिस तरह लोकतंत्र पर हमला हुआ, संस्थाओं ने समझौता कर लिया है और सत्ता पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इसी के खिलाफ आज कई संगठनों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

तेलंगाना सीएम के बयान पर उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई वैचारिक है और Chief Minister संवैधानिक मूल्यों पर चलने वाली विचारधारा के साथ काम करते हैं. हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती विचार व्यवस्था है. हम उसी के खिलाफ लड़ रहे हैं. वोट चोरी के बाद पार्टियां भी चोरी हो रही हैं, यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.

वहीं Mumbai के मैनहोल में गिरे शख्स को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि इसके लिए पूरी बीएमसी जिम्मेदार है. पिछले दिनों एक पेड़ गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई और अब एक शख्स की मौत हो गई है. इसके लिए बीएमसी जिम्मेदार है. Government ने इन संस्थाओं को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है.

कार्यक्रम में शामिल हुए तुषार गांधी ने से बातचीत में कहा कि मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज किया जाना एक साजिश है. ऐसी साजिश और लोकतंत्र के खतरे को देखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसमें तमाम लोग शामिल हुए थे.

तुषार गांधी ने कहा कि पहले वोटों की चोरी, फिर वोट देने के अधिकार की चोरी और अब जनप्रतिनिधियों की चोरी की जा रही है. हम इसके विरोध में आंदोलन करने वाले हैं. जनता के बीच जाकर इन तमाम मुद्दों को लेकर आक्रोश व्यक्त करने का वक्त आ गया है. यह लड़ाई स्वतंत्रता संग्राम से कम नहीं है. वैचारिक गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए अब संग्राम करना पड़ेगा.

राम मंदिर मामले पर उन्होंने कहा कि समाज अमर्यादित हो गया है, क्योंकि चोरी करने वाले चोरी करते ही हैं, क्योंकि यह उनकी फितरत है, लेकिन चोरी पर शांत रहना चिंताजनक है. चोर को ही चौकीदारी की जिम्मेदारी दी जाएगी तो चोर कैसे पकड़ा जाएगा.

टीएमसी की टूट पर उन्होंने कहा कि यह सत्ता के प्रलोभन का उदाहरण है. जनप्रतिनिधियों में वैचारिकता बची ही नहीं है, वह बस किसी तरह सत्ता के करीब बने रहना चाहते हैं. बंगाल, Maharashtra में इसका उदाहरण दिखाई दे रहा है. जो भी पार्टी उन्हें कड़ी टक्कर देने वाली लगती है, उसे ही तोड़ देते हैं.

चरण सापरा ने कहा कि Mumbai में हम पिछले कुछ दिनों से देख रहे हैं कि कहीं पेड़ गिर रहा है तो कहीं लोग मैनहोल में गिर रहे हैं, जिनसे लोगों की मौत हुई है. इस Government और बीएमसी को ही खड्डे में फेंक देना चाहिए. ये लोग सिर्फ भ्रष्टाचार कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि जिस तरह भाजपा नफरत और विभाजन की राजनीति करती है, राम मंदिर में डकैती होती है. ऐसे लोग अगर राज करेंगे तो जनता को इस बारे में एक बार जरूर सोचना चाहिए.

एएमटी/

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.