भारत-ईरान संबंधों को मिलेगा नया संदेश, खामेनेई के अंतिम संस्कार में पहुंचेगा भारतीय प्रतिनिधिमंडल
TV9 Bharatvarsh July 03, 2026 03:43 AM

बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा 3 जुलाई, 2026 को ईरान का दौरा करेंगे. दोनों नेता ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर, ग्रैंड अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. भारत सरकार ने अंतिम संस्कार समारोह में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत और ईरान के बीच सभ्यतागत संबंधों और लोगों के बीच गहरे जुड़ाव को दर्शाता है. मंत्रालय ने कहा कि ये ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक सहयोग के लिए एक मजबूत आधार बनाते हैं। इस दौरे के माध्यम से, भारत ने ईरान के साथ अपने पारंपरिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों के महत्व पर भी जोर दिया है. इससे पहले, ऐसी खबरें आई थीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन ईरानी पक्ष की ओर से किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को निमंत्रण दिए जाने के बारे में कोई पुष्टि नहीं की गई थी.

ग्रैंड मोसाला में रखा जाएगा अयातुल्ला का पार्थिव शरीर

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अयातुल्ला खामेनेई का पार्थिव शरीर 4 और 5 जुलाई को तेहरान के ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में रखा जाएगा ताकि आम लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें. इसके बाद 6 जुलाई को राजकीय अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा. ईरानी सरकार ने शोक की अवधि के दौरान तेहरान प्रांत में सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की है. अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 9 जुलाई को मशहद में दफनाने के साथ पूरी होगी.

भारत-ईरान संबंध मजबूत

हाल के महीनों में भारत और ईरान के बीच राजनयिक संपर्क लगातार बना हुआ है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने हाल ही में भारत का दौरा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की. खामेनेई के निधन के बाद, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर करने के लिए नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा किया. इसके अलावा, पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष के दौरान भी दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संपर्क बना रहा.

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