पंचायत सचिव बनने के लिए कौन सा एग्जाम देना होता है, कितनी मिलती है इनको सैलरी?
रजनी उपाध्याय July 04, 2026 10:12 AM

अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं और गांव में रहकर प्रशासनिक काम करने की इच्छा रखते हैं, तो पंचायत सचिव का पद आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. यह नौकरी राज्य सरकार के अधीन होती है और अलग-अलग राज्यों में इसकी भर्ती संबंधित कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से की जाती है. इस पद पर चयन होने के बाद अच्छी सैलरी के साथ सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं.

सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि पंचायत सचिव की भर्ती पूरे देश में एक जैसी नहीं होती. हर राज्य अपने नियमों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया तय करता है. जैसे बिहार में भर्ती बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) कराता है. झारखंड में यह जिम्मेदारी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की होती है, जबकि हरियाणा में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ग्राम सचिव के पदों पर भर्ती करता है. मध्य प्रदेश में कुछ भर्तियां परीक्षा के जरिए होती हैं, जबकि कुछ मामलों में मेरिट और अनुभव को भी आधार बनाया जाता है.

कैसी होती है चयन प्रक्रिया?

अधिकांश राज्यों में उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा देनी होती है. कई राज्यों में पहले प्रारंभिक (Prelims) और फिर मुख्य (Mains) परीक्षा आयोजित की जाती है. दोनों चरण सफलतापूर्वक पास करने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच (Document Verification) की जाती है. इसके बाद अंतिम मेरिट के आधार पर नियुक्ति दी जाती है.

कौन कर सकता है आवेदन?

पंचायत सचिव बनने के लिए आमतौर पर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) होना जरूरी है. हालांकि कुछ राज्यों में 12वीं पास उम्मीदवारों को भी आवेदन का मौका दिया जाता है. इसके अलावा कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान भी जरूरी माना जाता है. कई राज्यों में CCC, CPCT या किसी मान्यता प्राप्त कंप्यूटर कोर्स का प्रमाणपत्र मांगा जाता है.

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उम्र की बात करें तो सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 38 वर्ष के आसपास होती है. हालांकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलती है.

कितनी मिलती है सैलरी?

अधिकांश राज्यों में इस पद का वेतन लेवल-4 या लेवल-5 पे मैट्रिक्स के तहत मिलता है. शुरुआती बेसिक पे 21,700 रुपये से 25,500 रुपये के बीच हो सकता है. बेसिक वेतन के अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य सरकारी भत्ते भी मिलते हैं. इन्हें जोड़ने के बाद शुरुआती इन-हैंड सैलरी करीब 30,000 से 35,000 रुपये प्रति माह तक पहुंच सकती है. शहर और राज्य के अनुसार HRA और अन्य भत्तों में थोड़ा अंतर हो सकता है.

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