यह विश्व कप मौसम की चरम सीमाओं का भी गवाह बन रहा है। फ्रांसीसी टीम ने पहले ही इराक के खिलाफ ग्रुप चरण में इसका अनुभव किया था, जब खराब मौसम के कारण मैच को दो घंटे के लिए रोकना पड़ा था। आज भी जर्मनी को हराने वाले पैराग्वे के खिलाफ मुकाबले के समय पर शुरू होने को लेकर चिंताएं थीं।
अच्छी खबर यह है कि मैच तय समय पर शुरू होगा। बुरी खबर यह है कि फिलाडेल्फिया में मौसम बेहद गर्म है। इसी कारण बेंचों के पास खिलाड़ियों के लिए गर्मी को कुछ हद तक सहनीय बनाने के लिए एयर-कंडीशनिंग यूनिट्स लगाई गई हैं।
‘द एथलेटिक’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह मुकाबला फुटबॉल विश्व कप के इतिहास का अब तक का सबसे गर्म मैच साबित हो सकता है। तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है।
हालांकि, इस भीषण गर्मी के बाद एक और तूफान आने की संभावना भी जताई जा रही है।
मैच में शामिल सभी लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि मुकाबला निर्धारित समय में पूरा हो जाए, और मैदान पर गर्मी सिर्फ मौसम की वजह से ही नहीं बल्कि मुकाबले की तीव्रता से भी बढ़ सकती है।