Garud Puran: मृत्यु इस जीवन का सबसे बड़ा और अंतिम सत्य है, जिसको कोई भी झूठला या बदल नहीं सकता. गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में शामिल है. इसमें विस्तार से मृत्यु के बाद की स्थितियों और आत्मा की यात्रा के बारे में बताया गया है. माना जाता है कि जब इंसान का अंत समय नजदीक होता है, तो मृत्यु के देवता यमराज के दूत उसको ले जाने आते हैं. गरुड़ पुराण में यमराज के दूतों को बहुत भयानक बताया गया है.
यमदूत पापी इंसानों की आत्माओं को घसीटते हुए बेहरमी से यमलोक लेकर जाते हैं, लेकिन इसी पुराण में काफी खास नियम भी बताया गया है. शास्त्रों में तीन ऐसे लोग बताए गए हैं, जिनकी आत्मा को साथ ले जाना तो दूर यमदूत इनको छूने की हिम्मत तक नहीं कर पाते. इन लोगों के लिए के लिए स्वयं भगवान विष्णु के पार्षद आते हैं. आइए गरुड़ पुराण के अनुसार, इन लोगों के बारे में जानते हैं.
जीवन भर भक्ति करने वाले भक्तगरुड़ पुराण में कहा गया है जो लोग अपना पूरा जीवन ईश्वर की भक्ति को समर्पित कर देते हैं, उनका अंत बिना कष्ट के होता है. ऐसे लोगों के मन में मृत्यु का कोई डर नहीं होता. इनके अंत समय के वक्त यमदूत इनके आसपास भी नहीं दिखते. इन लोगों के प्राण हरने के लिए सीधे वैकुंठ धाम से विष्णुदूत आते हैं और दिव्य विमान में बिठाकर वैकुंठ धाम ले जाते हैं.
निस्वार्थ भाव से दूसरों की सहायता करने वालेजो लोग हमेशा दूसरों की मदद करते रहते हैं, धर्म का कार्य करते हैं. ऐसे लोगों के पास यमदूत खूद जाने से कतराते हैं. यमराज के दूतों को सिर्फ उन लोगों को ले जाने का अधिकार दिया गया है, जिन्होंने जीवन भर अधर्म किया होता है. परोपकारी लोगों को लेने के लिए विष्णुदूत आते हैं.
सत्य और धर्म के रास्ते पर चलने वालेजो लोग माता पिता की सेवा करते हैं, किसी का दिल नहीं दुखाते और धर्म के रास्ते पर चलते हैं, उनको उन्हें यमराज का भय नहीं रह जाता. यमदूत ऐसे ईमानदार और साफ दिल वाले लोगों को दूर से ही प्रणाम करते हैं. इनकी आत्मा को सीधे मोक्ष या उत्तम लोकों में स्थान प्राप्त होता है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.