कर्नाटक: हेडलाइट खराब, मोबाइल टॉर्च के सहारे 84KM दौड़ी सरकारी बस; 84KM तक यात्रियों की अटकी रहीं सांसें
TV9 Bharatvarsh July 06, 2026 07:43 PM

Karnataka Bus Viral Video: कर्नाटक में सरकारी परिवहन व्यवस्था की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कल्याण कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KKRTC) की एक बस का हेडलाइट खराब होने के बावजूद उसे रात के अंधेरे में करीब 84 किलोमीटर तक चलाया गया. हैरानी की बात यह रही कि पूरी यात्रा के दौरान बस चालक ने सड़क देखने के लिए कंडक्टर के मोबाइल फोन की टॉर्च का सहारा लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

यह बस कर्नाटक के कलबुर्गी से चिंचोली के बीच चलती है. बताया जा रहा है कि बस के हेडलाइट पिछले करीब 15 दिनों से खराब थे, लेकिन परिवहन निगम के अधिकारियों ने उन्हें ठीक कराने की कोई व्यवस्था नहीं की. इसके बावजूद बस को नियमित रूप से संचालित किया जाता रहा. घटना वाली रात जब बस कलबुर्गी से चिंचोली के लिए रवाना हुई, तब भी हेडलाइट काम नहीं कर रहे थे.

मोबाइल की टॉर्च जलाकर बस चलाया

यात्रा के दौरान कंडक्टर चालक के बगल में बैठ गया और उसने अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर सड़क पर रोशनी करने की कोशिश की. चालक ने इसी सीमित रोशनी के सहारे लगभग 84 किलोमीटर का सफर तय किया और बस को सुरक्षित चिंचोली तक पहुंचाया. हालांकि, इस दौरान बस में सवार यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी रही. रात के समय इस तरह बस चलाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा माना जा रहा है.

घटना का वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. भाजपा विधायक एस. सुरेश कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह घटना प्रशासनिक अव्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि परिवहन मंत्री को बस चालक और कंडक्टर को सम्मानित करते हुए उन्हें अधिक रोशनी देने वाले मोबाइल उपकरण भेंट करने चाहिए.

घटना को लेकर आम लोगों में भी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि यदि इस दौरान कोई दुर्घटना हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता. यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बस चलाना गंभीर लापरवाही है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि परिवहन विभाग इस मामले की जांच करे, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे और खराब वाहनों को तुरंत दुरुस्त कर सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करे.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.