E20 Petrol Survey: देशभर में E20 पेट्रोल लागू हुए एक साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है. सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी, किसानों को फायदा मिलेगा और प्रदूषण भी कम होगा. लेकिन वहीं, दूसरी ओर कई सारे गाड़ियों के मालिक की बात जरा अलग नजर आ रही है.
LocalCircles के एक सर्वे के अनुसार, पेट्रोल वाली गाड़ियों के मालिक E20 पेट्रोल से खुश नहीं हैं. उनका कहना है कि इससे गाड़ियों की माइलेज कम हुई है और मेंटेनेंस का खर्च भी बढ़ गया है.
लोगों ने कहा 'विनाशकारी'
सर्वे में 22,567 पेट्रोल वाली गाड़ियों के मालिक ने हिस्सा लिया. इनमें 53% लोगों ने सड़क परिवहन और पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा E20 पेट्रोल लागू करने के तरीके को 'विनाशकारी' या 'अप्रभावी' बताया है. इस सर्वे में 42% लोगों ने इसे सीधे 'विनाशकारी' कहा है, वहीं 11% लोगों ने इसे 'बहुत अप्रभावी' या 'काफी अप्रभावी' बताया है. सिर्फ 13% लोगों ने सरकार के कामकाज को अच्छा या प्रभावी माना, जबकि 19% लोगों ने इसे एवरेज बताया. इस सर्वे से पता चलता है कि पॉजिटिव रिस्पॉन्स देने वालों की तुलना में नाराज लोगों की संख्या करीब चार गुना ज्यादा है.
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माइलेज को लेकर शिकायत
सर्वे में सबसे बड़ी शिकायत माइलेज को लेकर सामने आई. 66% प्री-2023 पेट्रोल वाहन मालिकों ने कहा कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उनकी गाड़ी का माइलेज 10% से ज्यादा कम हो गया. करीब 45% लोगों ने बताया कि उनकी गाड़ी में पहले के मुकाबले ज्यादा रिपेयरिंग और मेंटेनेंस की जरूरत पड़ रही है. कई लोगों का कहना है कि ईंधन की बचत के बजाय अब उन्हें पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है.
पुराने पेट्रोल की मांग
सर्वे में एक दिलचस्प बात सामने आई है कि 31% वाहन मालिक चाहते हैं कि उन्हें फिर से E0 या E10 पेट्रोल खरीदने का ऑप्शन भी दिया जाए, चाहे उसके लिए उन्हें थोड़ा ज्यादा पैसा ही क्यों न देना पड़े. लोगों का कहना है कि 2023 से पहले खरीदी गई कई गाड़ियां E20 पेट्रोल को ध्यान में रखकर डिजाइन नहीं की गई थीं. ऐसे में नए ईंधन का असर उनकी गाड़ियों की परफॉर्मेंस पर पड़ रहा है.
सरकार का कह रही है?
केंद्र सरकार का दावा है कि E20 पेट्रोल से माइलेज पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले भी कह चुके हैं कि E20 को लेकर सोशल मीडिया पर काफी अफवाह फैलाई जा रही हैं. सरकार का ये भी कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से देश का तेल आयात कम होगा, किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को फायदा मिलेगा. इसके अलावा, 1 अप्रैल 2026 से देशभर में बिकने वाले E20 पेट्रोल के लिए RON 95 का नया मानक भी लागू किया गया है, जिससे इंजन की परफॉर्मेंस अच्छी होगी.
फायदे भी और सवाल भी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एथेनॉल ब्लेंडिंग से 2025 में किसानों को करीब ₹40,000 करोड़ रुपए की आय मिली है और भारत का करीब ₹43,000 करोड़ का विदेशी मुद्रा खर्च भी बचा. हालांकि, सर्वे में शामिल कई गाड़ियों के मालिक का कहना है कि इन फायदों का बोझ पुराने वाहन मालिकों पर नहीं पड़ना चाहिए. उनका मानना है कि अगर E20 के कारण पुरानी गाड़ियों में बदलाव और मरम्मत की जरूरत पड़ती है तो सरकार को इसमें भी मदद करनी चाहिए.
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