E100 फ्यूल पंप खुले तो शेयर बाजार की इन 3 कंपनियों में आएगा तगड़ा उछाल! नोट कर लें नाम
TV9 Bharatvarsh July 06, 2026 10:43 PM

देश में वाहनों के ईंधन को लेकर एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट है. एक तरफ जहां आम आदमी सस्ते और स्वच्छ ईंधन की उम्मीद कर रहा है, वहीं सरकार भी ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. इसी दिशा में अब देश में ‘E100 फ्यूल पंप’ (100 फीसदी एथेनॉल ईंधन वाले पंप) लगाने के प्रस्ताव ने जोर पकड़ लिया है. इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि एथेनॉल डिस्टिलरी को सीधे अपने फ्यूल पंप खोलने की अनुमति दी जाए. अगर सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर मुहर लग जाती है, तो यह ऊर्जा सेक्टर के साथ-साथ शेयर बाजार के लिए भी एक बड़ा ट्रिगर साबित होगा. बाजार के जानकारों के अनुसार, अगर ऐसा होता है तो इस फैसले से एथेनॉल और चीनी कारोबार से जुड़ी तीन प्रमुख कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी देखने को मिल सकती है.

बदलेगा नियम तो कंपनियों का मुनाफा पकड़ेगा रफ्तार

मौजूदा व्यवस्था के तहत एथेनॉल का इस्तेमाल सीधे तौर पर ईंधन के रूप में नहीं होता है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) इसे खरीदकर पेट्रोल में मिलाती हैं. लेकिन, इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सामने एक नई रूपरेखा पेश की है. यदि सरकार इस प्रस्ताव को हरी झंडी देती है, तो एथेनॉल इंडस्ट्री के लिए एक बिल्कुल नया बाजार खुल जाएगा. नई व्यवस्था लागू होने पर कंपनियां सीधे ग्राहकों तक E100 ईंधन की सप्लाई कर सकेंगी. इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सप्लाई चेन पर आने वाली लागत में भारी कमी आएगी और कंपनियों की उत्पादन क्षमता का अधिकतम इस्तेमाल हो सकेगा. सीधा गणित यह है कि नया बाजार मिलने से कंपनियों की कमाई का दायरा बढ़ेगा.

Balrampur Chini Mills

इस संभावित बदलाव के सबसे बड़े लाभार्थियों में बलरामपुर चीनी मिल्स का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. यह देश की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड शुगर और एथेनॉल कंपनियों में शुमार है. पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने अपनी एथेनॉल उत्पादन क्षमता का लगातार विस्तार किया है और वर्तमान में यह सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की एक प्रमुख सप्लायर है. करीब 11,893 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी के शेयरों ने 6 जुलाई को बाजार में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. लगभग 1.4 फीसदी की बढ़त के साथ इसका शेयर 570 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. लंबी अवधि में इस कंपनी ने निवेशकों को निराश नहीं किया है, पिछले पांच सालों में इसने 61 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है.

Triveni Engineering and Industries

इसी तरह, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज को भी इस नई नीति से पंख लग सकते हैं. यह कंपनी मुख्य रूप से शुगर, एथेनॉल, इंजीनियरिंग और पावर ट्रांसमिशन के क्षेत्र में सक्रिय है. कंपनी ने भविष्य की मांग को देखते हुए हाल ही में अपनी एथेनॉल डिस्टिलेशन क्षमता में भारी इजाफा किया है. बाजार में इस कंपनी का पूंजीकरण लगभग 10,197 करोड़ रुपये है. 6 जुलाई को इसके शेयरों में 0.84 फीसदी की मजबूती देखी गई और यह 462 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. पिछले पांच वर्षों में अपने निवेशकों की पूंजी पर 131 फीसदी का तगड़ा रिटर्न देकर इस शेयर ने बाजार में अपना दबदबा साबित किया है. E100 फ्यूल पंप की शुरुआत इन दोनों कंपनियों के बायोफ्यूल कारोबार को एक नई उड़ान दे सकती है.

Dalmia Bharat Sugar

इस खबर से उत्साहित होने वाले शेयरों की फेहरिस्त में डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज भी मजबूती के साथ खड़ी है. यह कंपनी शुगर, एथेनॉल और रिन्यूएबल पावर कारोबार से गहराई से जुड़ी हुई है. सरकार की बायोफ्यूल नीति का ज्यादा से ज्यादा वित्तीय लाभ उठाने के लिए कंपनी लगातार अपना एथेनॉल उत्पादन बढ़ा रही है. शेयर बाजार में इसका मार्केट कैप करीब 2,985 करोड़ रुपये है. निवेशकों के बीच इस कंपनी को लेकर भारी उत्साह है, जिसका असर 6 जुलाई के कारोबारी सत्र में साफ दिखा. कंपनी के शेयरों में 8.95 फीसदी की एक बड़ी और जबरदस्त तेजी दर्ज की गई, जिसके बाद शेयर की कीमत उछलकर 371 रुपये तक पहुंच गई.

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