महाराष्ट्र में 8 जुलाई तक भारी बारिश, CM फडणवीस बोले- हाई अलर्ट पर सरकार
TV9 Bharatvarsh July 07, 2026 08:42 AM

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और विधानसभा में भी बयान दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि भारी बारिश का यह संकट आठ जुलाई तक जारी रह सकता है, जिसके कारण पूरे सरकारी तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है. उन्होंने मंगलवार (आज) को नासिक के कुछ हिस्सों में बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई.

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अत्यधिक बारिश एक ‘प्राकृतिक आपदा’ जैसी स्थिति है, जो मानवीय नियंत्रण से बाहर है, लेकिन जनता के सहयोग से ऐसी आपातकालीन स्थितियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है.

एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट

उन्होंने कहा कि पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र, नगर निगम, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें पूरी तरह हाई अलर्ट पर हैं. मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इस तरह का भीषण भूस्खलन पहले कभी नहीं हुआ था. वहां करीब 100 टन मलबा सड़क पर आ गिरा. उन्होंने कहा कि इसमें से 70 टन मलबा हटाकर पुणे की ओर जाने वाली तीन लेन खोल दी गई हैं और मुंबई की ओर का रास्ता साफ किया जा रहा है.

चार दिनों में हुई एक महीने जितनी बारिश

सीएम फडणवीस ने कहा कि मुंबई में पिछले कुछ दिनों में एक महीने जितनी बारिश सिर्फ चार दिनों में हुई है. भारी बारिश के साथ हाईटाइड आने से मुंबई में बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन बीएमसी ने लगातार ज़मीनी स्तर पर काम कर हालात को ज्यादा बिगड़ने से रोकने की कोशिश की. इतनी बारिश के बावजूद मुंबई लोकल और बेस्ट बस सेवा काफी हद तक सामान्य रही.

75 किमी प्रति घंटे रफ्तार की तेज हवाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि रविवार को 75 किमी प्रति घंटे से अधिक रफ्तार की तेज हवाएं चलीं. इसी वजह से सिर्फ एक दिन में करीब 350 पेड़ गिर गए. 450 से ज्यादा पेड़ों की टहनियां टूटकर गिरीं. यह संख्या पूरे मानसून में गिरने वाले पेड़ों के लगभग 50 फीसदी के बराबर है. उन्होंने कहा कि अगले कुछ घंटों में 70 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है.

सीएम फडणवीस ने कहा कि इसी को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई. सरकारी और निजी कार्यालयों से भी लोगों को सावधानी बरतने की अपील की गई. लोगों से कहा गया कि बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें.

महाराष्ट्र के लिए अलर्ट

सीएम फडणवीस ने बताया कि नासिक सबसे संवेदनशील क्षेत्र है. मंगलवार (आज) को नासिक और त्रयंबकेश्वर के बीच अत्यधिक बारिश और क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति बनने की आशंका है. इस इलाके में ज्यादा बारिश होने का अनुमान है. रायगढ़, पालघर, सतारा, मुंबई, ठाणे, पुणे और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश का अलर्ट है. उन्होंने कहा कि मानसून के शुरुआती 25 दिनों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई, लेकिन पिछले तीन-चार दिनों में बेहद तेज बारिश दर्ज की गई है.

सरकार की तैयारी

उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं. सभी जिला कलेक्टर, जिला प्रशासन, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है. जहां हादसों की आशंका है, वहां पहले से तैयारी की गई है.

भूस्खलन पर अपडेट

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई समेत महाराष्ट्र के अलग-अलग क्षेत्रों में आठ जगह भूस्खलन हुआ. मुंबई-गोवा हाईवे और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी लैंडस्लाइड की घटनाएं हुईं. मुंबई-पुणे मार्ग की एक लेन चालू कर दी गई है, जबकि बाकी हिस्से को जल्द सामान्य करने का काम जारी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. पूरा प्रशासन अलर्ट पर है और बारिश से प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाने के लिए सभी एजेंसियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं.

विधान भवन की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन

इस बीच, विपक्षी विधायकों ने मुंबई में विधान भवन की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया और ‘इन्फ्रा-मैन लापता हैं’ के नारे लगाते हुए सरकार पर बुनियादी ढांचे की नाकामी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में बुनियादी ढांचे की खस्ताहाल व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. वहीं सीएम फडणवीस ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कनेक्टिंग लिंक पर कोई संरचनात्मक विफलता नहीं हुई है, बल्कि मलबा आसपास की पहाड़ियों के खिसकने से गिरा है.

इस बीच, कांग्रेस प्रवक्ता अनंत गाडगिल ने भी मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने परियोजना के निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च की किसी स्वतंत्र एजेंसी से ऑडिट कराने की मांग की.

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