इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) से भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व डेटा साइंस में नए प्रोग्राम शुरू करेगा. इसके साथ ही इग्नू की तैयारी साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल ह्यूमैनिटीज में नए प्रोग्राम शुरू करने की है. इसको लेकर इग्नू ने बीते दिनों ओडिशा स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी (OSOU) के साथ एक समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत दोनों ओपन यूनिवर्सिटी AI, डेटा साइंस के साथ ही साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल ह्यूमैनिटीज में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, अंडर ग्रेजुएट, पाेस्ट ग्रेजुएट, स्किल डेवलपमेंट और रिसर्च प्राेग्राम डेवलप करेंगे, ये कोर्स बाद में स्टूडेंट्स के लिए उपलब्ध होंगे.
आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं. जानते हैं कि AI, डेटा साइंस, साइबर सिक्याेरिटी में कोर्स विकसित व शुरू करने को लेकर इग्नू और ओडिशा स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी (OSOU) के बीच क्या करार हुआ है.
क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध होंगे कोर्सइग्नू और ओडिशा स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी (OSOU) के बीच हुए करार के तहत दोनों ओपन यूनिवर्सिटी AI, डेटा साइंस के साथ ही साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल ह्यूमैनिटीज जैसे तकनीकी कोर्सों के लिए स्टडी मटीरियल, ई कंटेट और बहुभाषी डिजिटल संसाधन विकसित करेंगे, जिससे स्टूडेंट्स को उनकी क्षेत्रीय भाषा में तकनीकी कोर्स उपलब्ध हो सकेंगे.
इसके साथ ही दोनों ओपन व डिस्टेंस यूनिवर्सिटीज के बीच हुए करार के तहत डिजिटल लर्निंग इंफास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा. इसके साथ हीवर्चुअल क्लासरूम, एआई बेस्ट स्टूडेंट हेल्प सेंटर, ज्वाइंट रिसर्च, फैकेल्टी डेवलपमेंट पर ध्यान दिया जाएगा. ये पूरी कवायद दूरदराज के स्टूडेंट्स तक एजुकेशन को आसानी से पहुंचने को लेकर है.
AI बेस्ड लर्निंग मैनजमेंट सिस्टमओडिशा स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी (OSOU) के 11वें स्थापना दिवस के अवसर पर बीते दिनों दोनों यूनिवर्सिटीज के बीच इस संबंध में करार हुआ है. इसको लेकर इग्नू की कुलपति प्रोफेसर उमा कांजीलाल ने कहा कि आने वाले वक्त तकनीक और AI का है. ऐसे में ओपन व डिस्टेंस एजुकेशन इंस्टीट्यूट को AI आधारित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन, मोबाइल आधारित शिक्षण प्रोग्राम को अपनाना होगा.
अब तकनीक से डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशनइग्नू और ओडिशा स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी (OSOU) के बीच हुए करार को अहम माना जा रहा है. इस करार के बाद देश में ओपन व डिस्टेंस लर्निंग से डिजिटल व तकनीकी शिक्षा आसानी से मिल सकेगी. तो वहीं तकनीक के सहारे डिस्टेंस व लर्निंग एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा. असल में अभी तक AI, साइबर सिक्योरिटी जैसे कोर्स किसी विधिवत यूनिवर्सिटी में रेगुलर मोड में संचालित किए जाते हैं. इग्नू की तरफ से ये कोर्स शुरू किए जाने से स्टूडेंट्स को फायदा होगा.