
Bhopal , 7 जुलाई . Madhya Pradesh Government ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे के संग्रहण, पृथक्करण, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) और निपटान के लिए वैज्ञानिक व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं.
ये नियम राज्य के सभी शहरी निकायों तथा सरकारी विभागों पर लागू किया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, शहरों में बढ़ते कचरे की मात्रा को देखते हुए यह व्यवस्था स्वच्छता में सुधार और लैंडफिल पर दबाव कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है.
नए नियमों के तहत घरों से निकलने वाले कचरे को अधिकृत संग्रहण वाहनों को देने से पहले चार श्रेणियों में अलग करना होगा. इनमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी कचरा और विशेष देखभाल श्रेणी का कचरा शामिल है.
Chief Minister ने एक बयान में कहा कि राज्य के स्वच्छता अभियान में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के आह्वान और जनता की सक्रिय भागीदारी से Madhya Pradesh ने स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है.
उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को और अधिक मजबूत करेंगे.
राज्य Government घरों में खाद बनाने (होम कंपोस्टिंग) को भी बढ़ावा दे रही है. इसके साथ ही पुराने कपड़ों, पुस्तकों और अन्य उपयोग योग्य घरेलू वस्तुओं के लिए रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं.
लोगों से एकल उपयोग वाले प्लास्टिक (सिंगल-यूज प्लास्टिक) का इस्तेमाल कम करने और कपड़े के थैले तथा दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली पानी की बोतलों का उपयोग करने की अपील की गई है.
Chief Minister ने सभी शहरी निकायों को निर्देश दिया है कि वे घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और झुग्गी बस्तियों से नियमित रूप से घर-घर जाकर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करें. उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मोहन यादव ने कहा कि इन नियमों को सफल बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक, संस्था और व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि ‘मेरा कचरा, मेरी जिम्मेदारी’ के सिद्धांत को अपनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ Madhya Pradesh बनाया जा सकता है.
Chief Minister ने उम्मीद जताई कि इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से शहरी स्वच्छता में सुधार होगा, रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा, प्रदूषण कम होगा और पूरे राज्य में एक प्रभावी कचरा प्रबंधन प्रणाली स्थापित हो सकेगी.
लोगों को कचरा पृथक्करण के नियमों और आरआरआर केंद्रों के संचालन की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं.
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एएमटी/डीकेपी