पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में 11-12 साल की बच्ची के रेप और मर्डर के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'एनकाउंटर पैटर्न' की तरह, इस मामले के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है। बुधवार सुबह हुए एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई।
आखिर हुआ क्या था?
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 12:30 बजे बरुईपुर पुलिस स्टेशन की एक टीम मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को क्राइम सीन दिखाने और घटनाओं का सीक्वेंस समझने के लिए सूर्यपुर इलाके में ले गई थी। हालांकि, यह प्रोसेस शुरू होने से पहले ही प्रभाष ने एक पुलिसवाले की सर्विस गन छीन ली। उसने पुलिस पर एक राउंड फायर किया और वहां से भागने की कोशिश की।
पुलिस ने तुरंत सेल्फ डिफेंस में फायरिंग की। जिसमें प्रभाष गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत बरुईपुर हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साउथ 24 परगना जिले के बरुईपुर में हुई चौंकाने वाली घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। 4 जुलाई की शाम को एक 12 साल की लड़की अपनी दोस्त के लिए बर्थडे गिफ्ट खरीदने निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसी रात पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जब पुलिस ने तलाश शुरू की, तो अगले दिन यानी 5 जुलाई की सुबह लड़की की कटी-फटी लाश सूर्यपुर हाट के पास एक झील में बोरे में भरी मिली।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद लोगों में गुस्सा
लड़की की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बहुत चौंकाने वाली बातें सामने आईं। उसके साथ गैंगरेप हुआ था। उसके बाद, उसके सिर पर किसी भारी चीज़ से वार करके उसे घायल कर दिया गया और ज़िंदा ही झील में फेंक दिया गया। डूबने से उसकी मौत हो गई।
इस हैवानियत से आस-पास के लोगों में बहुत गुस्सा था। पुलिस ने इस मामले में गैंगरेप, हत्या, सबूत मिटाने और POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया था और 3 लोगों आनंद सरदार, प्रभास मंडल और दिबाकर सरदार को गिरफ्तार किया था। लड़की की लाश मिलने के बाद लोग गुस्से में थे। गुस्साई भीड़ ने शक के आधार पर इंद्रनाथ नाम के एक युवक की पिटाई कर दी। जिसमें उसकी मौत हो गई। हालांकि, 7 जुलाई को राज्य के मुख्यमंत्री ने साफ किया कि भीड़ के गुस्से का शिकार हुआ युवक इंद्रनाथ पूरी तरह से बेगुनाह था और उसका इस जुर्म से कोई लेना-देना नहीं था।