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अंकारा में NATO समिट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, 'हम शायद आज रात उन पर फिर हमला करेंगे।'तुर्किये में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उनके अनुसार शांति प्रक्रिया अब खत्म हो चुकी है और ईरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी है।
ट्रंप ने ईरान पर साधा निशाना
ट्रंप ने कहा कि वह अब ईरान के साथ कोई समझौता या बातचीत नहीं करना चाहते। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने बीती रात ईरान में उन लोगों को निशाना बनाया, जिन्हें अमेरिका बेहद खतरनाक मानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी नेतृत्व अपने ही लोगों के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है और हालिया घटनाओं के बाद अमेरिका ने कड़ी सैन्य प्रतिक्रिया दी है।
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ईरान ने अमेरिका पर लगाए समझौता तोड़ने के आरोप
दूसरी ओर, ईरान की संसद के स्पीकर और वरिष्ठ वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने अमेरिका पर कई द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका ने कई महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया। उनके मुताबिक, अमेरिका ने ईरान पर तेल प्रतिबंध फिर से लागू किए, सैन्य हमलों की धमकी दी और दक्षिणी ईरान में कार्रवाई की। गालीबाफ ने कहा कि ईरान सैन्य और आर्थिक दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि "धौंस और दबाव का दौर खत्म हो चुका है।"
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होर्मुज जलडमरूमध्य में घटनाओं के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया, जब रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे तीन जहाजों पर हमले की घटना सामने आई। अमेरिका ने इन हमलों के लिए ईरानी बलों को जिम्मेदार ठहराया।
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इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी ठिकानों पर व्यापक सैन्य कार्रवाई की। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई और इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसे हमलों की कीमत बढ़ाना था। हालांकि, दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।