अब हवा को चीरकर दौड़ेंगी Renault की कारें, IIT Kanpur के साथ हुआ बड़ा करार
हिमांशु सिंह July 11, 2026 10:42 PM

Renault IIT Kanpur Partnership: भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में हर दिन कुछ बड़ा देखने को मिल रहा है. जहां एक तरफ भारत लगातार ग्लोबल मार्केट में झंडे गाड़ रही हैं. इस बीच फ्रांस की कंपनी रेनॉल्ट इंडिया ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर के साथ एक बेहद खास और रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है. 

इस नए करार के तहत रेनो अब अपनी आने वाली गाड़ियों को और भी ज्यादा हाई-टेक और एडवांस बनाने के लिए आईआईटी कानपुर की वर्ल्ड-क्लास रिसर्च फैसिलिटी का इस्तेमाल करेगी. तो चलिए जानतें हैं कि, इस बड़े करार की वजह क्या है और इससे ग्राहकों को क्या फायदा होगा.

नेशनल विंड टनल फैसिलिटी का मिलेगा साथ

बता दें कि, इस पूरे समझौते की सबसे बड़ी यूएसपी आईआईटी कानपुर की नेशनल विंड टनल फैसिलिटी है. यह भारत की पहली और सबसे आधुनिक विंड टनल है. जिसका इस्तेमाल आमतौर पर अंतरिक्ष और विमानन से जुड़े बड़े रिसर्च के लिए किया जाता है. 

इस टनल के अंदर 80 किलोमीटर से लेकर 280 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलाई जा सकती हैं. जिसे अब बढ़ाकर 400 किमी प्रति घंटे से ऊपर ले जाने की तैयारी है. रेनो के इंजीनियर्स इस टनल में अपनी पैसेंजर गाड़ियों को रखकर यह टेस्ट करेंगे कि तेज रफ्तार में गाड़ी पर हवा का क्या असर पड़ता है.

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बढ़ेगा माइलेज और कम होगा केबिन का शोर

जानकारी दें दे कि, जब कोई कार तेज रफ्तार में सड़क पर दौड़ती है तो सामने की हवा उसे पीछे की तरफ धकेलती है. जिसे तकनीकी भाषा में एयरोडायनामिक ड्रैग कहते हैं. इसके कारण इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है और फ्यूल की खपत बढ़ जाती है. 

आईआईटी कानपुर की इस फैसिलिटी की मदद से रेनो अपनी कारों के एक्सटीरियर डिजाइन को इस तरह से मोडिफाई करेगी कि हवा कार को रोकने के बजाय उसे चीरती हुई आसानी से निकल जाए. इससे गाड़ियों का माइलेज काफी बढ़ जाएगा. इसके अलावा तेज स्पीड में केबिन के अंदर आने वाली हवा की आवाज भी लगभग खत्म हो जाएगी.

नई कारों में दिखेगा इस पार्टनरशिप का फायदा 

रेनॉल्ट इंडिया के चीफ ऑफ इंजीनियरिंग डॉ. विक्रमन वी का कहना है कि यह पार्टनरशिप भारत में रेनो की रिसर्च और डेवलपमेंट क्षमता को एक वैश्विक पहचान देगी. कंपनी अपनी आने वाली नई जनरेशन की कारों जैसे कि नई डस्टर के विकास में इस तकनीक का भरपूर इस्तेमाल कर रही है. 

इस एयरोडायनामिक और एनवीएच टेस्टिंग की बदौलत नई डस्टर जैसी गाड़ियों में ग्राहकों को हाई-स्पीड पर भी बेहतरीन स्टेबिलिटी, कमाल का हैंडलिंग बैलेंस और केबिन के अंदर एकदम शांत और प्रीमियम माहौल का अनुभव मिलेगा.

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