नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रंप की कूटनीतिक पहल का समर्थन किया
Indias News Hindi July 13, 2026 01:43 PM

वाशिंगटन, 13 जुलाई . इजरायल के Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीतिक पहल का समर्थन करते हुए कहा है कि जैसे-जैसे इजरायल अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा, वह धीरे-धीरे अमेरिकी सैन्य सहायता पर अपनी निर्भरता कम करते हुए उसे शून्य तक ला सकता है.

नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप ईरान के साथ परमाणु मुद्दे पर समझौते की हर संभावना आजमाना चाहते हैं. हालांकि, यदि तेहरान अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करता है तो अमेरिकी President सैन्य बल के इस्तेमाल के लिए भी तैयार हैं.

नेतन्याहू ने एनबीसी न्यूज के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में कहा, “मेरा मानना है कि President ट्रंप बातचीत के जरिए समझौते की हर संभावना आजमाना चाहते हैं, खासकर परमाणु मुद्दे पर. लेकिन यदि ईरान अपने वादों से पीछे हटता है तो वह ताकत का इस्तेमाल करने से भी नहीं हिचकिचाएंगे. इसलिए मेरा मानना है कि President को यह अवसर दिया जाना चाहिए.”

इसी कार्यक्रम को दिए एक अलग साक्षात्कार में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान एक जहाज पर ड्रोन हमला करने से पहले एक “बेहतरीन समझौते” पर सहमत हो गया था.

ट्रंप ने कहा, “वे (ईरान) कल एक समझौते के लिए तैयार हो गए थे. वह हमारे लिए एक बेहतरीन समझौता था. उसमें परमाणु कार्यक्रम जैसी कोई बात नहीं थी. उन्होंने सब कुछ छोड़ने पर सहमति जताई थी. लेकिन इसके बाद वे बातचीत से उठकर चले गए और करीब एक घंटे के भीतर एक जहाज पर ड्रोन लॉन्च कर दिया.”

ट्रंप ने कन्फर्म किया कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहा, अमेरिका ने रात भर ईरान पर नए हमले किए हैं.

Prime Minister नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अमेरिका के साथ अपनी सैन्य साझेदारी के लिए शुक्रगुजार है. उन्होंने कहा कि संयुक्त ऑपरेशन ने ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम से होने वाले तुरंत खतरे को पीछे धकेल दिया है.

उन्होंने कहा, “इजरायल अमेरिका का बेहद आभारी है कि उसने हमारे साथ मिलकर ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने और उन्हें पहुंचाने की क्षमता विकसित करने से रोकने के लिए कदम उठाए. यह खतरा केवल इजरायल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी देशों और स्वयं अमेरिका के लिए भी था.”

नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इजरायल अब ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जहां वह अमेरिकी सैन्य सहायता पर अपनी निर्भरता धीरे-धीरे कम करना शुरू कर सकता है.

अमेरिका और इजरायल के बीच पूर्व में हुए रक्षा सहायता समझौतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “अब हम इतने सक्षम हो गए हैं कि भविष्य में इस सहायता को शून्य तक ला सकते हैं.”

नेतन्याहू ने दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को याद करते हुए कहा कि वह हमेशा इजरायल की बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए अधिक अमेरिकी सहायता की वकालत करते थे. नेतन्याहू ने कहा कि ग्राहम का मानना था कि इजरायल को सैन्य सहायता देना अमेरिका के सुरक्षा हितों के भी अनुरूप है. उन्होंने ग्राहम के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह अमेरिकी सीनेट में इजरायल के सबसे मजबूत समर्थकों में से एक थे.

एएस

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