उद्धव के नागपुर दौरे पर सियासी घमासान, विधायक रवि राणा बोले- RSS मुख्यालय जाकर ही शुद्ध होंगे पूर्व CM
TV9 Bharatvarsh July 14, 2026 11:42 AM

महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय विधायक रवि राणा ने शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर बड़ा हमला बोला है. राणा ने सोमवार को कहा कि नागपुर जाते समय अगर उद्धव ठाकरे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. के.बी. हेडगेवार की प्रतिमा के सामने झुक जाएंगे, तो वे असली मायने में शुद्ध हो जाएंगे. दरअसल, राणा का यह बयान उद्धव ठाकरे की उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे 18 जुलाई को नागपुर जाएंगे और अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के खिलाफ ‘राम रक्षा’ विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे.

उद्धव के ‘राम रक्षा’ आंदोलन पर रवि राणा का तंज

अमरावती की बडनेरा विधानसभा सीट से विधायक रवि गंगाधर राणा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि ठाकरे हनुमान चालीसा का जिक्र करके खुद को पवित्र करने की कोशिश कर रहे हैं और हिंदुत्व की भाषा बोल रहे हैं, क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि ‘राम’ और ‘हनुमान’ के बिना वे कुछ नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि नागपुर आने के बाद ठाकरे को आरएसएस मुख्यालय जाना चाहिए और संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार की प्रतिमा के सामने नमन करना चाहिए. उन्हें अमरावती में हनुमान गढ़ी जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि तभी वह शुद्ध हो पाएंगे वरना उनकी शुद्धि की कोशिशों का कोई मतलब नहीं है.

बता दें कि अप्रैल 2022 में तत्कालीन लोकसभा सदस्य नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. उन्होंने घोषणा की थी कि वे तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे.

‘राम रक्षा’ आंदोलन का दूसरा चरण 18 जुलाई से

अयोध्या के राम मंदिर में हुई लूट के विरोध में शिवसेना ने पूरे महाराष्ट्र में ‘राम रक्षा आंदोलन’ शुरू किया है. इसका दूसरा चरण 18 जुलाई से शुरू होगा. दूसरे चरण का पहला कार्यक्रम नागपुर में होगा. इसमें शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे खुद शामिल होंगे. इस कार्यक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं. शिवसेना का आरोप है कि भगवान राम के नाम पर सत्ता में आई बीजेपी सरकार के समय में ही राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी हो गई. देशभर में इसकी जमकर आलोचना हुई. इसके बाद सरकार ने कार्रवाई की.

इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और मंदिर ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों को इस्तीफा देना पड़ा. इस पूरे घटनाक्रम से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और राम मंदिर की छवि को भारी नुकसान पहुंचा है. इसी के विरोध में पार्टी ने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया है.

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