टाटा ग्रुप ने लगातार 18वें साल भारत के सबसे वैल्यूएबल ब्रांड के तौर पर अपनी जगह बनाए रखी. इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में निवेश के जरिए उसने अपनी बढ़त और बढ़ाई. अडानी ग्रुप पहली बार टॉप 10 में शामिल हुआ, जबकि सुजलॉन एनर्जी सबसे तेजी से बढ़ने वाला भारतीय ब्रांड बनकर उभरा. ब्रांड फाइनेंस की ‘इंडिया 100 2026’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 100 सबसे वैल्यूएबल ब्रांड्स की कुल ब्रांड वैल्यू सालाना आधार पर 7 फीसदी बढ़कर 252.8 अरब डॉलर हो गई. यह अनिश्चित ग्लोबल इकॉनमी के बावजूद कॉर्पोरेट इंडिया की मजबूती का संकेत है.
ब्रांड फाइनेंस इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अजिमोन फ्रांसिस ने कहा कि भारत के सबसे वैल्यूएबल ब्रांड्स की लगातार ग्रोथ यह दिखाती है कि देश दुनिया के सबसे डायनामिक बिजनेस एनवायरनमेंट में से एक के तौर पर विकसित हो रहा है, जिसे जबरदस्त घरेलू मांग और ब्रांड की मजबूती से बढ़ावा मिल रहा है. टॉप 10 में से नौ कंपनियों की ब्रांड वैल्यू में बढ़ोतरी हुई, जिसकी वजह डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंशियल इन्क्लूजन और इनोवेशन में लगातार निवेश रहा.
ब्रांड वैल्यू के हिसाब से देश की टॉप 10 कंपनीटॉप 10 के बाहर, सुजलॉन एनर्जी भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला ब्रांड बनकर उभरा. ऑपरेशनल सुधार, मजबूत ऑर्डर बुक और भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती तेजी की वजह से इसकी ब्रांड वैल्यू 114 फीसदी बढ़कर 418 मिलियन डॉलर हो गई.
सबसे मजबूत ब्रांड्स में, ताज होटल्स ने लगातार पांचवें साल टॉप स्थान बनाए रखा. इसका ब्रांड स्ट्रेंथ इंडेक्स (BSI) स्कोर 93.5/100 और रेटिंग AAA+ रही. इसके बाद ज़ोमैटो रहा, जिसकी ब्रांड वैल्यू 37% बढ़कर $1.4 बिलियन हो गई, और अमूल, जिसकी ब्रांड वैल्यू 22% बढ़कर $5 बिलियन हो गई.
सेक्टर-स्पेसिफिक परफॉर्मर्स में, TCS 21.2 बिलियन डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ भारत का सबसे वैल्यूएबल मूल्यवान IT सर्विसेज ब्रांड और लगातार पांचवें साल दुनिया का दूसरा सबसे मूल्यवान IT सर्विसेज ब्रांड बना रहा.
अन्य तेजी से बढ़ने वाले ब्रांड्स में अडानी पावर शामिल है, जिसकी ब्रांड वैल्यू 152 फीसदी बढ़कर 1.8 बिलियन डॉलर हो गई. यस बैंक की ब्रांड वैल्यू 79 फीसदी बढ़कर 458 मिलियन फीसदी हो गई. JSW ग्रुप की ब्रांड वैल्यू 55 फीसदी बढ़कर 2.3 बिलियन फीसदी हो गई. MRF की ब्रांड वैल्यू 24 फीसदी बढ़कर 863 मिलियन डॉलर हो गई. इंजीनियरिंग कंपनी जेटवर्क की ब्रांड वैल्यू 19 फीसदी बढ़कर 513 मिलियन फीसदी हो गई.