जीजा को कुत्तों वाला इंजेक्शन लगाकर मार डाला, भंडाफोड़ हुआ तो साले ने पत्नी और दो बच्चों संग ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान
TV9 Bharatvarsh July 15, 2026 10:42 AM

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले से अपराध की एक ऐसी खौफनाक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक सरकारी कृषि अधिकारी की संदिग्ध मौत का मामला एक महीने बाद ‘डॉग किलर इंजेक्शन’ से की गई सोची-समझी हत्या का निकला. पुलिस अभी इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी और मृतक के सगे साले हरिकृष्णा की तलाश कर ही रही थी कि उसने कानून के शिकंजे से बचने के लिए अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर सामूहिक आत्महत्या कर ली.

बुचिरेड्डीपालेम मंडल में कृषि अधिकारी के पद पर कार्यरत श्रीहरि की मौत को सबने शुरुआत में एक सामान्य हादसा या दिल का दौरा ही मान लिया था, लेकिन इसके पीछे गहरी साजिश छिपी थी. जांच में सामने आया कि श्रीहरि ने अपने सगे साले हरिकृष्णा को एक बड़ी रकम उधार दी थी. हाल ही में श्रीहरि अपना नया घर बनवा रहे थे, जिसके लिए वे हरिकृष्णा से अपनी रकम वापस मांग रहे थे. बार-बार पैसे मांगे जाने से परेशान हरिकृष्णा ने रास्ते से हटाने की साजिश रची.

कुत्तों को मारने वाला इंजेक्शन देकर मार डाला

15 जून को हरिकृष्णा ने श्रीहरि को मंदिर दर्शन कराने का झांसा दिया और कार में बैठाकर पेंचलाकोना ले गया. लौटते समय चेसरला मंडल के पास सुनसान रास्ते पर उसने कार रोक दी, जहां दो भाड़े के अपराधी पहले से इंतजार कर रहे थे. हरिकृष्णा ने श्रीहरि की हत्या के लिए एक ऐसा तरीका चुना जिससे कोई शारीरिक चोट न दिखे और मामला पूरी तरह प्राकृतिक लगे. कार रुकते ही हरिकृष्णा और उसके साथियों ने श्रीहरि को दबोच लिया. इसके बाद उन्हें आवारा कुत्तों को तड़पाकर मारने वाले जहरीले इंजेक्शन की भारी ओवरडोज दे दी गई.

जहर फैलने से जब श्रीहरि की तड़पकर मौत हो गई, तो हरिकृष्णा ने पूरे परिवार और रिश्तेदारों को यह विश्वास दिला दिया कि उन्हें अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा था. श्रीहरि के कुछ सहकर्मियों को शरीर पर नीले निशान देखकर शक हुआ था, लेकिन उस वक्त परिवार की ओर से कोई शिकायत न होने और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार हो जाने के कारण सच दफन हो गया.

पूरी संपत्ति पर कब्जे की जिद ने खोला राज

श्रीहरि की मौत के बाद भी हरिकृष्णा का लालच कम नहीं हुआ और यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई. हत्या करने के बाद हरिकृष्णा ने मृतक श्रीहरि की पत्नी लावण्या पर दबाव बनाना शुरू किया कि वो अपने पति की पूरी चल-अचल संपत्ति उसके नाम ट्रांसफर कर दे. इस ब्लैकमेलिंग से तंग आकर लावण्या ने सीधे जिला एसपी (SP) से गुहार लगाई. ग्रामीण डीएसपी की निगरानी में जब दोबारा जांच शुरू हुई, तो चौकाने वाले सबूत मिले. पुलिस ने हत्या में मदद करने वाले दो सह-आरोपियों को धर दबोचा. इस मामले में शुरुआत में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में जिला एसपी ने कड़ा एक्शन लेते हुए संबंधित सीआई (CI) और एसआई (SI) समेत पूरे थाने के 23 पुलिसकर्मियों का एक झटके में तबादला कर दिया.

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पूरे परिवार के साथ ट्रेन के आगे कूदा आरोपी

पुलिस की दबिश बढ़ते ही मुख्य आरोपी हरिकृष्णा फरार हो गया था, लेकिन उसका अंत बेहद खौफनाक रहा. जब हरिकृष्णा को अहसास हो गया कि अब कानून के फंदे से बचना नामुमकिन है, तो वह अपने परिवार को लेकर प्रकाशम जिले के सिंगरायकोंडा पहुंचा. वहां उसने अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ तेज रफ्तार ट्रेन के आगे छलांग लगा दी. मौके पर ही चारों के चीथड़े उड़ गए. पुलिस सूत्रों के अनुसार, सामूहिक आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले हरिकृष्णा ने एक सेल्फी वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपनी इस खौफनाक साजिश और मजबूरी का जिक्र किया है. पुलिस अब उस वीडियो और पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.

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