दिल्ली में यमुना नदी की सफाई और गाय के गोबर के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बुधवार को एक अहम कदम उठाया गया. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए एक जरूरी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए.
इसे एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में रोजाना लगभग 1,500 मीट्रिक टन गाय का गोबर यमुना में गिरता था. राज्य सरकार ने इस आंकड़े को शून्य तक लाने का लक्ष्य रखा है, और यह समझौता उस दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि इस पहल से यमुना सफाई अभियान मजबूत होगा, गौशालाओं और पशुपालकों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे. और गाय के गोबर का इस्तेमाल साफ ऊर्जा और जैविक खाद बनाने में हो सकेगा.
दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर लगेंगे CBG प्लांटआज माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी की गरिमामयी उपस्थिति में दिल्ली नगर निगम और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के बीच कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) परियोजनाओं की स्थापना के लिए ऐतिहासिक MoU पर हस्ताक्षर हुए।
पिछली सरकारों के कार्यकाल में प्रतिदिन लगभग pic.twitter.com/mkZSZhr2SO
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) July 15, 2026
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार यमुना को साफ, प्रदूषण-मुक्त और सुंदर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली में पैदा होने वाला गाय का गोबर सीधे यमुना में बह जाता था, जिससे जल प्रदूषण होता था, लेकिन अब इसका इस्तेमाल कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) और जैविक खाद बनाने में किया जाएगा. इसके लिए दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर CBG प्लांट लगाए जाएंगे.
देश के दूसरे बड़े शहरों के लिए बनेगा मिशालअमित शाह ने कहा कि यह मॉडल न सिर्फ दिल्ली में प्रदूषण कम करने में मदद करेगा, बल्कि देश के दूसरे बड़े शहरों के लिए भी एक मिसाल बनेगा. इससे स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी. इस मौके पर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, MCD मेयर प्रवेश वाही और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.