इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy में निवेश के पीछे क्या है सरकार का मकसद, समझिए India-Japan Fund की पूरी रणनीति
et July 16, 2026 07:42 PM
सरकार सपोर्टेड इंडिया-जापान फंड (IJF) इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy में निवेश करने जा रही है। कंपनी ने हाल ही में फ्रेश कैपिटल जुटाने का ऐलान किया है, जिसमें IJF भी निवेशकों में शामिल है। यह फंड भारत सरकार और जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन ( JBIC ) के सपोर्ट से ऑपरेट होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सरकार सपोर्टेड फंड एक लिस्टेड ईवी कंपनी में निवेश क्यों कर रहा है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसका मकसद किसी एक कंपनी को आर्थिक मदद देना या शेयर बाजार में किसी कंपनी को बढ़ावा देना नहीं है। यह निवेश सरकार की कॉम्प्रिहेंसिव इंडस्ट्रियल स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। सरकार चाहती है कि भारत में ऐसी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियां विकसित हों, जो ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिशन कर सकें। इसके साथ ही, देश की आयातित क्रूड ऑयल पर निर्भरता कम हो और भारत क्लीन मोबिलिटी मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरे।
क्या सरकार ने सीधे Ather Energy में निवेश किया है?पहली नजर में ऐसा लग सकता है कि भारत सरकार ने सीधे Ather Energy में हिस्सेदारी खरीद रही है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। सरकार कंपनी में सीधे निवेश नहीं कर रही है, बल्कि यह निवेश इंडिया-जापान फंड यानी IJF के जरिए किया जा रहा है। यह फंड 600 मिलियन डॉलर का है, जिसे 2023 में नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड ( NIIF ) और जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन ने मिलकर बनाया था।
इंडिया-जापान फंड कैसे काम करता है?इस फंड में भारत सरकार के सपोर्ट वाले NIIF की 49% हिस्सेदारी है, जबकि JBIC बाकी 51% कैपिटल देता है। इस फंड का मकसद किसी भी कंपनी में नॉर्मल निवेश करना नहीं है। इसे खास तौर पर उन कंपनियों में निवेश के लिए बनाया गया है, जो क्लीन एनर्जी, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और लो-कार्बन टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रही हैं। यानी यह फंड किसी सरकारी एजेंसी की तरह कंपनियों को आर्थिक मदद नहीं देता, बल्कि एक लंबी अवधि के संस्थागत निवेशक की तरह काम करता है। इसका लक्ष्य ऐसी कंपनियों में निवेश करना है, जो भारत की लॉन्ग-टर्म इकोनॉमिक एंड इंडस्ट्रियल स्ट्रैटेजी को मजबूत कर सकें।
Ather Energy में निवेश क्यों किया जा रहा है?Ather Energy उन कंपनियों में शामिल है, जो इस फंड के तय मानकों पर खरी उतरती हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि कंपनी सिर्फ इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाकर नहीं बेचती, बल्कि अपनी कई अहम टेक्नोलॉजी को खुद विकसित करती है। कंपनी ने बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, कनेक्टेड व्हीकल इकोसिस्टम, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और व्हीकल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी टेक्नोलॉजी को इन-हाउस तैयार किया है। यही वजह है कि Ather सिर्फ एक ईवी मैन्युफैक्चिंग कंपनी नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी डेवलप्ड करने वाली कंपनी भी मानी जाती है।
सरकार के लिए स्वदेशी टेक्नोलॉजी क्यों है अहम?आज दुनिया के कई देश महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी को अपने देश में विकसित करने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में भारत भी चाहता है कि वह विदेशी टेक्नोलॉजी पर ज्यादा निर्भर न रहे और अपनी डोमेस्टिक टेक्नोलॉजी कंपनीज को मजबूत बनाए। इसी कारण अब सरकार के लिए सिर्फ इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री बढ़ाना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि ऐसी कंपनियों को बढ़ावा देना भी जरूरी है, जिनके पास अपनी खुद की टेक्नोलॉजी और रिसर्च क्षमता हो।
पहले भी EV कंपनियों में निवेश कर चुका है फंडइंडिया-जापान फंड इससे पहले महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली EKA मोबिलिटी में भी निवेश कर चुका है।
डिस्क्लेमर : यह खबर केवल जानकारी के लिए है। इसे किसी भी स्टॉक में खरीदारी या बिकवाली की सलाह ना समझें। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए किसी भी निवेश से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।