हिमाचल में फिर बारिश का कहर! IMD का ऑरेंज अलर्ट, 5 जिलों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का खतरा
TV9 Bharatvarsh July 17, 2026 07:43 PM

Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में बीते चार दिनों से मौसम साफ रहने और तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा था, लेकिन अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की चेतावनी जारी करते हुए 19 से 22 जुलाई तक पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है. विभाग ने इस दौरान भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका जताई है.

इन जिलों के लिए जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. 20 से 22 जुलाई के बीच मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है. वहीं 18 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उसके बाद लगातार चार दिनों तक ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा.

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भूस्खलन और अचानक बाढ़ का बढ़ा खतरा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, मिट्टी खिसकने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की घटनाएं हो सकती हैं. नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा होने की आशंका है. विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने व प्रशासन द्वारा जारी मौसम और यातायात संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है.

बीती रात कई इलाकों में हुई बारिश

मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, बीती रात कांगड़ा जिले के नगरोटा सुरियां में सबसे अधिक 28.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा कांगड़ा में 10.2 मिलीमीटर, मंडी के मुरारी देवी में 4.0 मिलीमीटर और गुलेर में 2.8 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई. वहीं पिछले 24 घंटों के दौरान शिमला जिले के सराहन में 7.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा.

प्रदेश में 51 सड़कें अब भी बंद

बारिश और भूस्खलन का असर प्रदेश के सड़क नेटवर्क पर भी दिखाई दे रहा है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की गुरुवार शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार, लैंडस्लाइड और बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में फिलहाल 51 सड़कें बंद हैं. प्रशासन प्रभावित मार्गों को जल्द बहाल करने में जुटा है, लेकिन लगातार बारिश से राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं.

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तापमान में भी दिखा बड़ा अंतर

मौसम साफ रहने के दौरान प्रदेश के मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ी रही. ऊना में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा. वहीं जनजातीय क्षेत्र कुकुमसेरी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

क्या होता है ऑरेंज अलर्ट?

IMD के अनुसार, ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है “तैयार रहें”. इसका मतलब है कि मौसम बेहद खराब हो सकता है और इसका असर जनजीवन, परिवहन और सामान्य गतिविधियों पर पड़ सकता है. ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में 22 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि 19 से 23 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है.

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