ABS से लेकर 360° कैमरा तक... मानसून में सबसे ज्यादा काम आते हैं कार के ये फीचर्स
हिमांशु सिंह July 17, 2026 11:42 PM

Car Safety Features in Monsoon: जैसे ही भारत में मानसून का मौसम आता है लोगों को गर्मी से राहत मिल जाती है. लेकिन बारिश के मौसम में ड्राइविंग करने वालों की मुश्किलें बढ़ जाती है. झमाझम बारिश के बीच सड़क पर फिसलन, हर कोने में भरा पानी और कम विजिबिलिटी के कारण गाड़ी चलाना बेहद रिस्की हो जाता है. ऐसे में कई बार ड्राइवर घबरा जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं. 

बता दें कि, अगर आप अपनी गाड़ी में मौजूद कुछ मॉडर्न और एडवांस सेफ्टी फीचर्स का सही इस्तेमाल करना जानते हैं, तो मानसून में आपका सफर बेहद आसान और सुरक्षित हो सकता है. आज हम इस खबर में बात करेंगे मानसून में सबसे ज्यादा काम आने वाले फीचर्स के बारें में.

एबीएस और ईबीडी हैं शानदार फीचर्स

बता दें कि, हमेशा ही बारिश के मौसम में सड़कों पर पानी और कीचड़ की वजह से टायरों की ग्रिप बहुत कमजोर हो जाती है. ऐसे में अगर आपको अचानक ब्रेक लगाना पड़े तो गाड़ी फिसलने लगती है. इस लिए हमेशा यहां काम आता है एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन. 

एबीएस का काम यह सुनिश्चित करना है कि अचानक ब्रेक दबाने पर भी आपकी कार के पहिये पूरी तरह से जाम न हों. जिससे आप अपनी गाड़ी को आसानी से मोड़ सकें. वहीं, ईबीडी गाड़ी के वजन के हिसाब से चारों पहियों पर सही मात्रा में ब्रेक पावर भेजता है जिससे गाड़ी बिना फिसले एक सीधी लाइन में रुक जाती है.

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यह फीचर्स बनेंगे कम विजिबिलिटी में बनेंगे आपकी आंखें

आपने अक्सर देखा होगा कि तेज बारिश के दौरान कार के शीशों पर पानी की बूंदें जम जाती हैं. जिससे पीछे या अगल-बगल का कुछ दिखाई नहीं देता. इस समस्या से निपटने के लिए कार का रियर डिफॉगर बटन ऑन कर दें जो शीशे पर जमी भाप को तुरंत उड़ा देता है. 

वहीं जब आपको पानी से भरी गलियों में गाड़ी पार्क करनी हो या उसे बैक करना हो तो 360-डिग्री कैमरा आपके लिए वरदान साबित होता है. यह आपको कार के इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर पूरी गाड़ी के आस-पास का लाइव नजारा दिखाता है. जिससे आप नीचे छिपे गड्ढों और गहरे पानी का अंदाजा आसानी से लगा सकते हैं.

ये फीचर्स हर मुश्किल मोड़ पर देंगे आपका साथ

वहीं, जब सड़क पर बहुत ज्यादा पानी जमा हो जाता है तो कई बार टायर सड़क से संपर्क खो देते हैं. ऐसी स्थिति में कार का ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम एक्टिव होकर व्हील स्पिन को रोकता है और गाड़ी को इधर-उधर जाने से बचाता है. 

जबकि इसके साथ ही आज की कारों में मिलने वाले रेन-सेंसिंग वाइपर्स बारिश की रफ्तार को खुद भांप लेते हैं. जैसे ही बारिश तेज या धीमी होती है ये वाइपर्स अपनी स्पीड को उसी हिसाब से ऑटोमैटिक एडजस्ट कर लेते हैं ताकि ड्राइवर का पूरा ध्यान सिर्फ स्टीयरिंग और सामने सड़क पर रहे. 

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